किसी भी स्थान पर किसका स्वामीत्व होना चाहिये. उस स्थान पर रहने की किसी की आदत है उसका या उस स्थान से किसी का इतिहास जुड़ा है उसका या उस स्थान पर थोड़ा सा समय बीताना चाहता है उसका? जबकि सत्य यह है कि कोई भी स्थान स्थायी तौर पर किसी का नहीं है. कोई भी व्यक्ति अथवा समुदाय उस स्थान पर कुछ काल के लिये रहता है और यह काल शाश्वतता का एक बिंदु मात्र है. इन्हीं दार्शनिक प्रकार के सवालों से ‘उदाहराणार्थ’ टकराने की कोशिश करता है मानव कौल निर्देशित ‘पार्क’.