Free Best trending stories in gujarati, hindi, marathi and english language Home Stories Trending Now Filter: Best Stories Filter: Gujarati Hindi Marathi टापुओं पर पिकनिक - भाग 21 by Prabodh Kumar Govil 279 २१. साजिदसोबत शिकणारी मनप्रीत थोडी अस्वस्थ होती. ना त्या मुलांनी तिला फोन केला, ना ते तिला भेटायला आले. कदाचित त्यांनी त्या मुलीच्या बोलण्याकडे गांभीर्याने लक्ष दिले नसेल. मनप्रीतला वाटले ... नीलम : एक नाम, कई फैसले by ARTI MEENA (112) 1.9k गांव में सुबहें अक्सर शोर से नहीं, खबरों से शुरू होती हैं।उस दिन भी कुछ ऐसा ही हुआ।माँ की आवाज़ में एक अजीब-सा ठहराव था जब उन्होंने कहा—“सुना है, ... अदृश्य पीया - 15 by Sonam Brijwasi 219 (कमरा वही है… पर अब खाली नहीं—बल्कि दिखाई न देने से भरा हुआ।)(ना सुनीति दिख रही है, ना कौशिक। सिर्फ़ दो साँसों की आवाज़ें।)अब वो अकेली नहीं थी…अब वो ... अदृश्य पीया - 14 by Sonam Brijwasi 411 (रात। कमरा शांत है। टेबल पर ग्रंथ खुला है, पास ही कौशिक का चश्मा।)(सुनीति खिड़की के पास खड़ी है। चेहरे पर डर नहीं… एक अडिग फैसला।)जब इंसान तय कर ... अदृश्य पीया - 13 by Sonam Brijwasi 648 (सुबह का समय। घर में सन्नाटा। कौशिक ऑफिस के लिए निकल चुका है—चश्मा लगाए हुए।)(सुनीति दरवाज़े के पास खड़ी उसे जाते हुए देखती है। आँखों में डर, मन में ... अदृश्य पीया - 11 by Sonam Brijwasi 1.5k (सुबह का वक्त।)(सुनीति रसोई में खड़ी है। चाय उबल रही है…वो ध्यान में नहीं।)(चाय उफनकर गिर जाती है।)सुनीति (खुद से चिड़कर) बोली - “ध्यान भी नहीं रहता अब…”(वो गैस बंद ... अदृश्य पीया - 10 by Sonam Brijwasi 1.3k (सुबह।)(कौशिक आईने के सामने खड़ा है। आँखों पर चश्मा।)कौशिक (थोड़ा असहज होकर) बोला - सुनीति… सच कहूँ तोमुझे इसमें बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा।सुनीति (समझाते हुए) बोली - आज पहली बार ... अदृश्य पीया - 9 by Sonam Brijwasi 1.2k (सुबह की हल्की रोशनी कमरे में फैल रही है।)(सुनीति की आँख खुलती है।)(वो हाथ बढ़ाकर बिस्तर के दूसरे हिस्से को टटोलती है…खाली।)सुनीति (घबराकर) बोली - “कौशिक जी…?”(वो उठकर चारों तरफ़ ... అమ్మాయి జీవితం - నేటి పరిస్థితి by SriNiharika 1.3k **పుస్తక శీర్షిక:** **అమ్మాయి జీవితం – నేటి పరిస్థితి** “ఆమె కథ కాదు — ప్రతి అమ్మాయి ధైర్యానికి ప్రతిధ్వని.”️ **రచయిత:** శ్రీనిహారిక …### **రచయిత పరిచయం*.. (Author ... अदृश्य पीया - 8 by Sonam Brijwasi 1.5k (सुबह की धूप कमरे में आ रही है।)(कौशिक आईने के सामने खड़ा है — पूरी तरह साफ़ दिख रहा है।)कौशिक (मुस्कुराकर) बोला - “मैं सच में ठीक हूँ, सुनीति।”(सुनीति राहत ... अदृश्य पीया - 7 by Sonam Brijwasi 1.5k (रात के 2:34 बजे। कमरे में हल्की पीली रोशनी।(सुनीति चश्मा लगाए खड़ी है। कौशिक उसके सामने बैठा है — पहली बार पूरी तरह साफ़ दिखाई देता हुआ।)(दोनों चुप हैं।)कभी-कभी ... अदृश्य पीया - 6 by Sonam Brijwasi 1.9k टीम धीरे-धीरे टूटी दीवार के रास्ते लैब के अंदर घुसती है। अँधेरा है, लेकिन मशीनों की धीमी-धीमी आवाज़ गूँज रही है। चारों तरफ़ तार, केमिकल के बड़े-बड़े कंटेनर और ... मौत की दस्तक: हर पन्ने पर एक नई दहशत। - 12 by kajal jha 780 अक्स: जो पीछे रह गयानील एक पेंटर था जिसे शोर-शराबे से नफरत थी। इसी तलाश में उसने शहर के किनारे एक बेहद सस्ता, पुराना विला किराए पर लिया। विला ... मौत की दस्तक: हर पन्ने पर एक नई दहशत। - 10 by kajal jha 1.3k भुतहा हवेली का रहस्यसर्दियों की एक ठंडी रात थी। गाँव के किनारे पर स्थित पुरानी हवेली को लोग "शापित हवेली" कहते थे। कहते हैं कि वहाँ से अक्सर अजीब ... मौत की दस्तक: हर पन्ने पर एक नई दहशत। - 8 by kajal jha 2.1k अतृप्त आत्मा का आह्वान: काले कुएँ का अभिशापराजस्थान के रेतीले धोरों के बीच बसा 'कुलधरा' जैसा ही एक और गुमनाम गाँव था—भानपुर। इस गाँव के बीचों-बीच एक विशाल पत्थर ... मौत की दस्तक: हर पन्ने पर एक नई दहशत। - 7 by kajal jha 1.9k साये का बुलावा: भानगढ़ की वह काली रात1. एक अनसुलझा रहस्यराजस्थान के अलवर जिले में स्थित भानगढ़ का किला दुनिया की सबसे डरावनी जगहों में गिना जाता है। लेकिन ... अदृश्य पीया - 4 by Sonam Brijwasi 2k सुनीति अलमारी से कौशिक का बैग निकालती है। उसमें से तस्वीरें, मार्कशीट और डायरी टेबल पर रख देती है। तरुण ध्यान से सब देखता है।सुनीति (गंभीर होकर) बोली - ये ... मौत की दस्तक: हर पन्ने पर एक नई दहशत। - 6 by kajal jha 2k भुतिया हवेली की कहानीप्रस्तावनाबिहार के एक छोटे से गाँव में एक पुरानी हवेली थी। लोग उसे "काली हवेली" कहते थे। कहते हैं कि वहाँ रात को अजीब आवाज़ें आती ... इस घर में प्यार मना है - 14 by Sonam Brijwasi 723 वहीं हवेली जो हमेशा कब्र जैसी खामोश रहती थी—आज चीख़ रही थी। नौकरों की लाइन लगी है ।आँगन में सभी नौकर-नौकरानियाँ सिर झुकाए खड़े थे।सास (गुस्से में) बोली - किसकी ... His Arranged Bride by ziya 378 भाग -1शादी की शहनाइयाँ पूरे घर में गूँज रही थीं, लेकिन अनाया के दिल में सन्नाटा पसरा हुआ था। लाल जोड़े में सजी वह दर्पण के सामने बैठी थी, ... इस घर में प्यार मना है - 13 by Sonam Brijwasi 999 गाँव की सीमा। चारों रात भर चलते रहे। पैरों में छाले थे। साँस टूटी हुई थी। सूरज उग चुका था , जब उन्हें एक छोटा सा गाँव दिखा।मोहन (थकी ... इस घर में प्यार मना है - 12 by Sonam Brijwasi 1.8k आँगन में अब सन्नाटा नहीं था—वहाँ डर जम गया था। कार्तिक अब भी दरवाज़े की तरफ़ भागना चाहता था—कि तभी उसके पिता आगे आए। आवाज़ शांत थी, पर निर्दयी।ससुर ... इस घर में प्यार मना है - 11 by Sonam Brijwasi 1.6k रात…एक बार फिर पूरी हवेली नींद में डूबी हुई थी। पर इस बार कार्तिक नहीं सोया था। उसकी आँखों में नींद नहीं फ़ैसला था।जैसे ही सबके कमरों की लाइटें ... इस घर में प्यार मना है - 8 by Sonam Brijwasi 1.8k रघुवंशी हवेली में नियम पत्थर की लकीरों जैसे थे—दिखते नहीं थे, पर हर साँस में महसूस होते थे।और अब…वो लकीरें धीरे-धीरे मिट रही थीं।कार्तिक और संस्कृति दोनों ने मिलकर ... लघुकथा आध्यात्मिक कथा फिक्शन कहानी प्रेरक कथा क्लासिक कहानियां बाल कथाएँ हास्य कथाएं पत्रिका कविता यात्रा विशेष महिला विशेष नाटक प्रेम कथाएँ जासूसी कहानी सामाजिक कहानियां रोमांचक कहानियाँ मानवीय विज्ञान मनोविज्ञान स्वास्थ्य जीवनी पकाने की विधि पत्र डरावनी कहानी फिल्म समीक्षा पौराणिक कथा पुस्तक समीक्षाएं थ्रिलर कल्पित-विज्ञान व्यापार खेल जानवरों ज्योतिष शास्त्र विज्ञान कुछ भी क्राइम कहानी நிவேதா by SriStoryTeller 684 மேற்குத் தொடர்ச்சி மலையின் மடியில் உறங்கிக் கொண்டிருக்கும் அந்தச் சிறிய கிராமமான கருங்குளத்திற்குள் தனது பழைய பைக்கில் நுழைந்தான் ஸ்ரீ. வானம் செந்நிறமாக மாறி, மெல்ல இருள் சூலத் தொடங்கியிருந்தது. ஊர் எல்லையிலேயே ஒரு மாபெரும் ஏரி கறுப்பு நிறத்தில் ... ख़ामोशियां जन्मा प्रेम by Chintansinh Jadav 435 शहर के शोर से दूर एक पुरानी लाइब्रेरी थी, जहाँ लोग किताबें कम और खुद से मिलने ज़्यादा आते थे। वहीं पहली बार आरव ने सिया को देखा। वो ... નિલક્રિષ્ના - ભાગ 34 by કૃષ્ણપ્રિયા 394 રાક્ષસી વૃજાનો આગળનો પ્લાન શું હશે, એ હેત્શિવાજાણી શકી નહીં. પરંતુ, નિલક્રિષ્નાને સાહસીક રીતે સક્ષમ બનાવવા હેત્શિવા રાક્ષસીએ પોતાનાથી બનતા પ્રયત્ન કર્યા હતાં. એટલે હવે એ વૃજા શું એવાં ... रूहों का सौदा - 10 by mamta 123 रुद्र के घुटने टिक गए। उसके हाथ की लकड़ी की तलवार अब जलकर राख होने लगी थी। सामने 'अग्नि-पथ' का अंत अभी कोसों दूर था और पीछे लौटने का ... मौत की दस्तक: हर पन्ने पर एक नई दहशत। - 2 by kajal jha 2.9k आईने के पीछेपुरानी हवेलियों की अपनी एक ज़ुबान होती है। वे हवाओं के झोंकों में फुसफुसाती हैं, उनकी दीवारों की दरारें गुज़रे हुए वक्त की कहानियाँ सुनाती हैं, और ... HOW TO BUILD DISCIPLINE by saif Ansari 6.3k निश्चित रूप से, अनुशासन बनाने के कुछ प्रभावी तरीके इस प्रकार हैं:1. लक्ष्य निर्धारण: * स्पष्ट लक्ष्य: * सबसे पहले, अपने लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें। आप क्या ...