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Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Magazine in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures. T...Read More


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सभ्यता और युद्ध By Vivek Ranjan Shrivastava

मानवीय सभ्यता और युद्ध विवेक रंजन श्रीवास्तव भोपाल मानवीय सभ्यता की कहानी वास्तव में मनुष्य की जिजीविषा और उसके संघर्षों की एक लंबी दास्तान है।सभ्यता सामाजिक नियमों का परिपालन चाहत...

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નવતરંગ મેગઝીન - અંક 1 By Lax Somani

1. આત્મા :-સ્વરૂપ અને ઓળખ જીવન નું સત્ય એટલે આત્મા. આત્મા એ પાંચતત્વ ના શરીર ને જીવંત રાખે છે. આત્મા શબ્દ ખુબ વ્યાપક અને ગતિશીલ છે. આત્મા શબ્દ એ સંસ્કૃત ના ' અત્ ' ધાતુ પરથ...

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जनजीवन, प्रतिरोध और मानवीय चेतना का काव्य By Golendra Patel

*समकालीन हिंदी कविता में गोलेन्द्र पटेल : जनजीवन, प्रतिरोध और मानवीय चेतना का काव्य*समकालीन हिंदी कविता में अनेक युवा रचनाकार ऐसे उभरे हैं जिन्होंने अपने लेखन के माध्यम से समाज की...

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गोलेन्द्र : अर्थ, व्युत्पत्ति और वैचारिक विस्तार By Golendra Patel

गोलेन्द्र : अर्थ, व्युत्पत्ति और वैचारिक विस्तारभारतीय परम्परा में नामकरण केवल व्यक्ति की पहचान भर नहीं होता, बल्कि वह उसके चरित्र, कर्म, दृष्टि और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी संकेत...

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शिक्षा या सुव्यवस्थित व्यवसाय ? By उषा जरवाल

                   “बच्चा वही, स्कूल वही… फिर हर साल ‘एडमिशन फीस’ क्यों?”  “जब मैंने अपने बच्चे का पहली बार स्कूल में एडमिशन कराया, तब सोचा था यह एक बार की प्रक्रिया है… लेकिन हर स...

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नियति का मोड़ By kalpita

                         नियति का मोड़ शहनाइयाँ बज रही थीं।मंडप में अग्नि जल रही थी।फूलों की खुशबू और हवन की धूप के बीच, पंडित जी ने अगला मंत्र पढ़ा —“अब दूल्हा-दुल्हन फेरे के लिए...

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Theatre v s Film v s Webseries By Ashish

 થિયેટર આર્ટ, મૂવી (ફિલ્મ) અને વેબ સિરીઝ ત્રણેય મનોરંજન અને સ્ટોરીટેલિંગના અલગ અલગ માધ્યમ છે. પરંતુ એમના બનાવવાની રીત, સમય અને દર્શકો સુધી પહોંચવાનો રસ્તો અલગ હોય છે.હું સરળ ગુજરાત...

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युद्ध का अंत कैसे हो By Vivek Ranjan Shrivastava

युद्ध की आग और शांति की राह: विवेक रंजन श्रीवास्तव  इतिहास गवाह है कि आम आदमी के सिर पर सत्ता की जिद, साम्राज्यवादी विस्तारवाद और रक्षा उद्योगों के मुनाफे ने हमेशा तलवार लटकाए रखी...

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Vulture - 14 By Ravi Bhanushali

VULTURE: बंधन, भरोसा और बगावतसीन 1 – रात का शहर, टूटी हुई खामोशीतेज़ हवा।ऊँची इमारत की चोटी पर वल्चर खड़ा है।नीचे शहर जगमगा रहा है, पर उसके चेहरे पर सन्नाटा है।पीछे से आवाज आती है।...

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देशों की सीमित परिधि में सिसकती मानवीय संवेदना By Vivek Ranjan Shrivastava

राष्ट्रीय परिधियों में सिसकती संवेदना— विवेक रंजन श्रीवास्तवमनुष्य का समूचा इतिहास वस्तुतः उसकी निरंतर गति और अदम्य जिज्ञासा का ही इतिहास है। पुरातन काल के उस आदिम मनुष्य की कल्पना...

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धर्मवीर भारती के साहित्य में व्यंग्य By Vivek Ranjan Shrivastava

डॉ धर्मवीर भारती की रचनाओं में व्यंग्य दृष्टिविवेक रंजन श्रीवास्तवधर्मवीर भारती के लेखन में व्यंग्य उनकी संवेदना के भीतर घुली हुई वह कसक है जो करुणा, नैतिक बेचैनी और उनके लेखन में...

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Ram vs Krishna spiritual indications By Vivek Ranjan Shrivastava

“The Sweetness of Krishna, the Restraint of Rama: Spiritual Indications”  Vivek Ranjan Shrivastava  If we do not judge Bhagavan Krishna’s multi‑marriage “lila” and Shri Rama’s vow...

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Star Sentinals - 5 By Ravi Bhanushali

STAR SENTINELS 5: समय का न्यायसीन 1 – टाइम एजेंसी का सर्वोच्च कारागारनीले प्रकाश से चमकता शून्य-कारागार।स्टार सेंटिनल्स फिर से कैद हैं। इस बार उनकी शक्तियाँ पूरी तरह निष्क्रिय कर द...

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कथा सम्राट का व्यंग्यबोध By Vivek Ranjan Shrivastava

प्रेमचंद के साहित्य में निहित व्यंग्यविवेक रंजन श्रीवास्तव ए 233 ओल्ड मिनाल रेजीडेंसी जे के रोड भोपाल 462023कथा सम्राट का व्यंग्यबोधमुंशी प्रेमचंद (१८८०-१९३६) हिंदी साहित्य के इतिह...

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ભારતનો પ્રથમ નકશો, બ્રહ્મપુત્ર અને સિંધુનું ઉદગમ સ્થાન, માઉન્ટ એવરેસ્ટ By Gautam Patel

લગભગ બસ્સો વર્ષપહેલાં કેપ્ટન વિલિયમ લેમ્બ્ટન નામનાઅંગ્રેજ સર્વેક્ષકે ત્રિકોણમિતિ વડે ભારતનોપહેલો ભૌગોલિક નકશો આંકવાનોભગીરથ પ્રોજેક્ટ હાથ ધર્યો. કોઇને તેસમયે ભારતના આકારનો સ્પષ્ટ ખ્...

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The Black Singularity By Prabhjot Singh Nagra

(The Black Singularity)प्रतिपादक: प्रभजोत सिंहविषय: ब्लैक होल, डार्क एनर्जी का रूपांतरण और ब्रह्मांडीय चक्र का नया मॉडल।१. डार्क एनर्जी का उपभोग और गुरुत्वाकर्षण का विस्तारप्रभजोत...

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रवीन्द्र नाथ त्यागी : व्यंग्य स्तंभ By Vivek Ranjan Shrivastava

रवीन्द्रनाथ त्यागी हिंदी व्यंग्य परंपरा के आधार प्रतिनिधि विवेक रंजन श्रीवास्तव रवीन्द्रनाथ त्यागी हिंदी व्यंग्य साहित्य की उस गौरवशाली परंपरा के प्रतिनिधि लेखक हैं, जिन्होंने व्यं...

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બીજા વિશ્વયુદ્ધ પછી નાસી છૂટેલા નાઝી અફસરો By Gautam Patel

નાઝી જર્મનીએ બીજું વિશ્વયુદ્ધગુમાવી દીધું હતું. લડાઇ શરૂ થયાનાં ૫વર્ષ, ૮ મહિના અને ૭ દિવસ પછીજર્મન સેનાપતિ કર્નલ-જનરલ આલ્ફેડજોડલે મે ૭, ૧૯૪૫ના રોજ બિનશરતીશરણાગતિના દસ્તાવેજ પર સહી...

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Vulture Back Story By Ravi Bhanushali

शीर्षक: वल्चर: पंखों के पीछे का सच[दृश्य 1 – अंधेरे से जन्म]कभी एक साधारण ग्रह था—कायरॉन। वहाँ आसमान हमेशा धूसर रहता था और ज़मीन पर लोग खामोशी में जीते थे। उसी ग्रह की खदानों में ए...

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डिजिटल गेम्स के भयावह रूप By Vivek Ranjan Shrivastava

डिजिटल डेथ ट्रैप: मासूमों की जान और गेम संचालकों का कुत्सित व्यापारलेखक: विवेक रंजन श्रीवास्तवआज के दौर में स्मार्टफोन केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि एक ऐसा प्रवेश द्वार बन चुका है जिसक...

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મારી ડાયરી ? By Komal Mehta

પરિપક્વતા અને આત્મ-સંતોષ: જીવનનો સાચો દ્રષ્ટિકોણપ્રસ્તાવના:સામાન્ય રીતે આપણે એવું માનીએ છીએ કે ઉંમર વધવાની સાથે વ્યક્તિમાં પરિપક્વતા આવે છે, પરંતુ વાસ્તવિકતામાં 'પરિપક્વતા'...

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लोक संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन की चुनौती By Vivek Ranjan Shrivastava

जनजातीय लोक संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन की चुनौती प्रस्तुतकर्ता: विवेक रंजन श्रीवास्तव(राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित प्रबुद्ध विचारक और अन्वेषक) प्रस्तावना जनजातीय संस्कृति मानवता...

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India in USA By Vivek Ranjan Shrivastava

India in AmericaVivek Ranjan SrivastavaIndia’s presence in America is not confined to a single event, monument, or immigrant community. It is an expansive cultural, intellectual, a...

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મહાન સાંસ્કૃતિક રચનાઓ નષ્ટ થવાથી બચી ગઇ By Anwar Diwan

માનવ પ્રજાતિ તરીકે જ્યારથી આપણે પૃથ્વી પર કબજો જમાવ્યો છે ત્યારથી અનેક વસ્તુઓ નષ્ટ પામી છે.આપણે ઘણાં ખજાના ગુમાવી દીધા છે, મુલ્યવાન કલાકૃત્તિઓ ગુમાવી દીધી છે કયારેક તો આખે આખા શહેર...

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सुभाषचंद्र बोस की पत्नी के बारे में और एक कहानी By Prithvi Nokwal

सुभाष चंद्र बोस की पत्नी के बारे में और एक कहानी: वे भारत क्यों न आ सकींसुभाष चंद्र बोस, जिन्हें हम प्रेम से नेताजी कहते हैं, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे तेजस्वी और साहसी नेत...

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अजित पवार यांच्या विमान अपघाताची चौकशी कशी झाली पाहिजे By Fazal Esaf

एखाद्या विद्यमान उपमुख्यमंत्री किंवा अजित पवार यांच्यासारख्या वरिष्ठ राजकीय नेत्याचा विमान अपघातात मृत्यू झाल्यास, त्या घटनेची चौकशी ही कधीही नेहमीसारखी (routine) असू शकत नाही. ती...

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नेहरू फाइल्स - भूल-111 By Rachel Abraham

भूल-111 भारत रत्न : सुपात्रों को नजरअंदाज करना सरदार पटेल को सन् 1991 में और डॉ. आंबेडकर को 1990 में ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया! ऐसा भी इसलिए संभव हो पाया, क्योंकि केंद्र में...

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नदी स्नान भारत बनाम दुनिया By Vivek Ranjan Shrivastava

नदी में स्नान भारत बनाम दुनिया विवेक रंजन श्रीवास्तव भारत में नदियों के खुले घाटों पर स्नान की परंपरा अत्यन्त प्राचीन, व्यापक और गहरी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी हुई है। मकर संक्रांत...

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SWAMI VIVEKANAND By Vivek Ranjan Shrivastava

Swami Vivekananda and the Renaissance of IndiaVivek Ranjan ShrivastavaThe soil of India has always been the cradle of great souls. Whenever darkness thickened over society, someone...

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अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता: संस्कृति से संविधान तक By Vivek Ranjan Shrivastava

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता: संस्कृति से संविधान तक, (मानस का धोबी के कहने से मां सीता के त्याग का प्रसंग)विवेक रंजन श्रीवास्तव न्यूयॉर्क से रामायण के उत्तरकांड में धोबी द्वारा सीता म...

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नंबर वन का 'अमृत' और नरक का ड्रेनेज By Vivek Ranjan Shrivastava

व्यंग्यनंबर वन का 'अमृत' और नरक का ड्रेनेजविवेक रंजन श्रीवास्तव इंदौर में इन दिनों गजब का द्वंद्व चल रहा है। एक तरफ आसमान से टपकती स्वच्छता की 'नंबर वन' की ट्राफिया...

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त्वरित श्रद्धा सुमन ज्ञानरंजन जी को उनकी कहानी पिता को रूपांतर द्वारा By Vivek Ranjan Shrivastava

श्रद्धासुमन : नमन ज्ञानरंजन विवेक रंजन श्रीवास्तव न्यूयॉर्क से ज्ञानरंजन हिंदी कहानी के उस युग के प्रवर्तक स्वर हैं जिन्होंने “आम आदमी” को कथा का केंद्र बनाया। उन्होंने हमारे भीतर...

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सभ्यता और युद्ध By Vivek Ranjan Shrivastava

मानवीय सभ्यता और युद्ध विवेक रंजन श्रीवास्तव भोपाल मानवीय सभ्यता की कहानी वास्तव में मनुष्य की जिजीविषा और उसके संघर्षों की एक लंबी दास्तान है।सभ्यता सामाजिक नियमों का परिपालन चाहत...

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નવતરંગ મેગઝીન - અંક 1 By Lax Somani

1. આત્મા :-સ્વરૂપ અને ઓળખ જીવન નું સત્ય એટલે આત્મા. આત્મા એ પાંચતત્વ ના શરીર ને જીવંત રાખે છે. આત્મા શબ્દ ખુબ વ્યાપક અને ગતિશીલ છે. આત્મા શબ્દ એ સંસ્કૃત ના ' અત્ ' ધાતુ પરથ...

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जनजीवन, प्रतिरोध और मानवीय चेतना का काव्य By Golendra Patel

*समकालीन हिंदी कविता में गोलेन्द्र पटेल : जनजीवन, प्रतिरोध और मानवीय चेतना का काव्य*समकालीन हिंदी कविता में अनेक युवा रचनाकार ऐसे उभरे हैं जिन्होंने अपने लेखन के माध्यम से समाज की...

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गोलेन्द्र : अर्थ, व्युत्पत्ति और वैचारिक विस्तार By Golendra Patel

गोलेन्द्र : अर्थ, व्युत्पत्ति और वैचारिक विस्तारभारतीय परम्परा में नामकरण केवल व्यक्ति की पहचान भर नहीं होता, बल्कि वह उसके चरित्र, कर्म, दृष्टि और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी संकेत...

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शिक्षा या सुव्यवस्थित व्यवसाय ? By उषा जरवाल

                   “बच्चा वही, स्कूल वही… फिर हर साल ‘एडमिशन फीस’ क्यों?”  “जब मैंने अपने बच्चे का पहली बार स्कूल में एडमिशन कराया, तब सोचा था यह एक बार की प्रक्रिया है… लेकिन हर स...

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नियति का मोड़ By kalpita

                         नियति का मोड़ शहनाइयाँ बज रही थीं।मंडप में अग्नि जल रही थी।फूलों की खुशबू और हवन की धूप के बीच, पंडित जी ने अगला मंत्र पढ़ा —“अब दूल्हा-दुल्हन फेरे के लिए...

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Theatre v s Film v s Webseries By Ashish

 થિયેટર આર્ટ, મૂવી (ફિલ્મ) અને વેબ સિરીઝ ત્રણેય મનોરંજન અને સ્ટોરીટેલિંગના અલગ અલગ માધ્યમ છે. પરંતુ એમના બનાવવાની રીત, સમય અને દર્શકો સુધી પહોંચવાનો રસ્તો અલગ હોય છે.હું સરળ ગુજરાત...

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युद्ध का अंत कैसे हो By Vivek Ranjan Shrivastava

युद्ध की आग और शांति की राह: विवेक रंजन श्रीवास्तव  इतिहास गवाह है कि आम आदमी के सिर पर सत्ता की जिद, साम्राज्यवादी विस्तारवाद और रक्षा उद्योगों के मुनाफे ने हमेशा तलवार लटकाए रखी...

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Vulture - 14 By Ravi Bhanushali

VULTURE: बंधन, भरोसा और बगावतसीन 1 – रात का शहर, टूटी हुई खामोशीतेज़ हवा।ऊँची इमारत की चोटी पर वल्चर खड़ा है।नीचे शहर जगमगा रहा है, पर उसके चेहरे पर सन्नाटा है।पीछे से आवाज आती है।...

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देशों की सीमित परिधि में सिसकती मानवीय संवेदना By Vivek Ranjan Shrivastava

राष्ट्रीय परिधियों में सिसकती संवेदना— विवेक रंजन श्रीवास्तवमनुष्य का समूचा इतिहास वस्तुतः उसकी निरंतर गति और अदम्य जिज्ञासा का ही इतिहास है। पुरातन काल के उस आदिम मनुष्य की कल्पना...

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धर्मवीर भारती के साहित्य में व्यंग्य By Vivek Ranjan Shrivastava

डॉ धर्मवीर भारती की रचनाओं में व्यंग्य दृष्टिविवेक रंजन श्रीवास्तवधर्मवीर भारती के लेखन में व्यंग्य उनकी संवेदना के भीतर घुली हुई वह कसक है जो करुणा, नैतिक बेचैनी और उनके लेखन में...

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Ram vs Krishna spiritual indications By Vivek Ranjan Shrivastava

“The Sweetness of Krishna, the Restraint of Rama: Spiritual Indications”  Vivek Ranjan Shrivastava  If we do not judge Bhagavan Krishna’s multi‑marriage “lila” and Shri Rama’s vow...

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कथा सम्राट का व्यंग्यबोध By Vivek Ranjan Shrivastava

प्रेमचंद के साहित्य में निहित व्यंग्यविवेक रंजन श्रीवास्तव ए 233 ओल्ड मिनाल रेजीडेंसी जे के रोड भोपाल 462023कथा सम्राट का व्यंग्यबोधमुंशी प्रेमचंद (१८८०-१९३६) हिंदी साहित्य के इतिह...

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The Black Singularity By Prabhjot Singh Nagra

(The Black Singularity)प्रतिपादक: प्रभजोत सिंहविषय: ब्लैक होल, डार्क एनर्जी का रूपांतरण और ब्रह्मांडीय चक्र का नया मॉडल।१. डार्क एनर्जी का उपभोग और गुरुत्वाकर्षण का विस्तारप्रभजोत...

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रवीन्द्र नाथ त्यागी : व्यंग्य स्तंभ By Vivek Ranjan Shrivastava

रवीन्द्रनाथ त्यागी हिंदी व्यंग्य परंपरा के आधार प्रतिनिधि विवेक रंजन श्रीवास्तव रवीन्द्रनाथ त्यागी हिंदी व्यंग्य साहित्य की उस गौरवशाली परंपरा के प्रतिनिधि लेखक हैं, जिन्होंने व्यं...

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Vulture Back Story By Ravi Bhanushali

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डिजिटल गेम्स के भयावह रूप By Vivek Ranjan Shrivastava

डिजिटल डेथ ट्रैप: मासूमों की जान और गेम संचालकों का कुत्सित व्यापारलेखक: विवेक रंजन श्रीवास्तवआज के दौर में स्मार्टफोन केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि एक ऐसा प्रवेश द्वार बन चुका है जिसक...

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लोक संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन की चुनौती By Vivek Ranjan Shrivastava

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सुभाषचंद्र बोस की पत्नी के बारे में और एक कहानी By Prithvi Nokwal

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नदी स्नान भारत बनाम दुनिया By Vivek Ranjan Shrivastava

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SWAMI VIVEKANAND By Vivek Ranjan Shrivastava

Swami Vivekananda and the Renaissance of IndiaVivek Ranjan ShrivastavaThe soil of India has always been the cradle of great souls. Whenever darkness thickened over society, someone...

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अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता: संस्कृति से संविधान तक By Vivek Ranjan Shrivastava

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