hindi Best Women Focused Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Women Focused in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


Languages
Categories
Featured Books

ज़ख्मों की शादी - 6 By Sonam Brijwasi

Past Time – Suhagrat Nightकमरा अंधेरे में था, हल्की मोमबत्तियों की रोशनी थी। फूलों की खुशबू थी, पर माहौल में कोई खुशी नहीं थी। Kabir धीरे-धीरे Shristi के पास बिस्तर पर लेट गया। Shr...

Read Free

डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 12 By Jyoti Prajapati

जब भूपेंद्र को पता चला कि वंशिका की तबीयत खराब है, तो वे परेशान तो हुए, लेकिन उससे कहीं ज्यादा वे काया की तत्परता देखकर गदगद हो गए। उन्होंने देखा कि काया कैसे एक साथ तीन मोर्चों पर...

Read Free

अदृश्य पीया - 16 By Sonam Brijwasi

(दोपहर। हवेली के बाहर कुछ लोग काग़ज़ों पर साइन कर रहे हैं।सुनीति और कौशिक पास खड़े हैं—अदृश्य।)एक सेठ ने इस हवेली को गैरकानूनी तरीके से बेच दिया था।उन्हें पता था… पर फर्क नहीं पड़ा...

Read Free

त्रिशा... - 39 By vrinda

लगभग एक घंटे के सफर के बाद त्रिशा अपने‌ मायके लौट आई जहां उसका स्वागत बड़े ही लाड़ प्यार से हुआ। घर के हर एक सदस्य त्रिशा पर‌ लाड़ प्यार‌ ऐसे बरसाने लगा ऐसा लग रहा है कि सारा प्यार...

Read Free

मीरा प्रेम का अर्थ - 14 - तुम जिंदा हो?.... By sunita maurya

माधव के साथ सभी जाने के लिए कार में बैठ गएऔर वहां से चल दीए .. और कुछ ही देर में वो लोग एकेडमी के हॉस्पिटल में पहुंच गए... माधव तेज कदमों से चल रहा था। जैसी ही वो मीरा के वार्ड के...

Read Free

दो पतियों की लाडली पत्नी - 11 By Sonam Brijwasi

अगली सुबह। घर में हल्का उजाला। Karan और Kabir उठते हैं, लेकिन उनके बीच वाली जगह… खाली।Kabir चौंककर उठ बैठता है।Kabir बोला - Shreya…?Karan भी उठता है, उसके चेहरे पर भी बेचैनी।Karan...

Read Free

माय कॉन्ट्रैक्ट वाइफ 2.0 By Raju kumar Chaudhary

MY Contract Wife 2.0      (माय कॉन्ट्रैक्ट वाइफ 2.0)शहर की चमचमाती रोशनी के बीच, ऊँची इमारतों और भागती ज़िंदगी के शोर में आरव मल्होत्रा का दिल अजीब सी ख़ामोशी में डूबा रहता था। बाह...

Read Free

जिन्दादिली से ज़िन्दा लाश तक का सफर.... By Shalini Gautam

ये सफर तब शुरू होता है जब आप हर रिश्ते से मजबूर हो जाते हैं। आप अपनी भावनाएँ, दुःख, दर्द, तकलीफ़े या रोज़मरा की बात चाह कर भी किसी से नहीं बता सकते...हंसता, खेलता, मुस्कुराता, गाता...

Read Free

मेरे दूल्हे को मरना होगा - अध्याय 11: सुहागरात (फिनाले) By Varun Vilom

बारात का आगमन ज़ोर-शोर से हुआ। घोड़ों की टापें, आतिशबाज़ी, और नाचते हुए लोग। करण घोड़ी पर आया—सिर पर सेहरा, चेहरे पर वही आत्मविश्वास भरी मुस्कान। फिर घोड़ी से उतरकर सीधे अपनी महँगी...

Read Free

गुस्सा नहीं ग़ुरूर By Rinki Singh

कुछ महीने पहले काशी जाना हुआ |बस में मेरी खिड़की वाली सीट थी | मैं बैठ चुकी थी कि एक महिला आकर बगल में बैठीं, उनके साथ उनका पति और लगभग चार-पाँच साल का एक बच्चा |पतिदेव सामने की सी...

Read Free

सीमाओं से परे By ARTI MEENA

सुबह की हल्की धूप खिड़की से कमरे में आ रही थी।राधा की नींद सबसे पहले खुली।उसने करवट लेकर सीमा की तरफ देखा।सीमा अभी भी सो रही थी — लेकिन उसके चेहरे पर एक अलग सी शांति और हल्की चिंता...

Read Free

लाल दाग़ - 5 - (अंतिम भाग) By ARTI MEENA

सुबह हुई और रोज़ की तरह माया स्कूल गई — जैसे वह हर दिन जाती थी।लेकिन आज उसके मन में एक अलग सोच थी।उसे लग रहा था कि अब सच में कुछ बदलाव लाना होगा।बच्चे पढ़ने आए।माया ने रोज़ की तरह...

Read Free

इंतेक़ाम - भाग 41 By Mamta Meena

निशा अब अधिकतर बीमार रहने लगी थी उसे हमेशा थकान और कमजोरी महसूस होती कभी कभी तो उसे ऐसा लगता है जैसे वह चक्कर खाकर गिर न वाली हो,,,,उसने डॉक्टर को दिखाया तो पूरी जांच कराने के बाद...

Read Free

सीमाओं से परे By ARTI MEENA

“राधा… ज़रा धीरे चल बेटी…”माँ हाँफती हुई पीछे से बोली।“तेरे कदमों में अभी जवानी की रफ्तार है… पर मैं अब 25 की नहीं रही… थोड़ा साथ चल ले।”आज माँ राधा को साथ लेकर बाज़ार आई थी।कुछ ही...

Read Free

ज़ख्मों की शादी - 6 By Sonam Brijwasi

Past Time – Suhagrat Nightकमरा अंधेरे में था, हल्की मोमबत्तियों की रोशनी थी। फूलों की खुशबू थी, पर माहौल में कोई खुशी नहीं थी। Kabir धीरे-धीरे Shristi के पास बिस्तर पर लेट गया। Shr...

Read Free

डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 12 By Jyoti Prajapati

जब भूपेंद्र को पता चला कि वंशिका की तबीयत खराब है, तो वे परेशान तो हुए, लेकिन उससे कहीं ज्यादा वे काया की तत्परता देखकर गदगद हो गए। उन्होंने देखा कि काया कैसे एक साथ तीन मोर्चों पर...

Read Free

अदृश्य पीया - 16 By Sonam Brijwasi

(दोपहर। हवेली के बाहर कुछ लोग काग़ज़ों पर साइन कर रहे हैं।सुनीति और कौशिक पास खड़े हैं—अदृश्य।)एक सेठ ने इस हवेली को गैरकानूनी तरीके से बेच दिया था।उन्हें पता था… पर फर्क नहीं पड़ा...

Read Free

त्रिशा... - 39 By vrinda

लगभग एक घंटे के सफर के बाद त्रिशा अपने‌ मायके लौट आई जहां उसका स्वागत बड़े ही लाड़ प्यार से हुआ। घर के हर एक सदस्य त्रिशा पर‌ लाड़ प्यार‌ ऐसे बरसाने लगा ऐसा लग रहा है कि सारा प्यार...

Read Free

मीरा प्रेम का अर्थ - 14 - तुम जिंदा हो?.... By sunita maurya

माधव के साथ सभी जाने के लिए कार में बैठ गएऔर वहां से चल दीए .. और कुछ ही देर में वो लोग एकेडमी के हॉस्पिटल में पहुंच गए... माधव तेज कदमों से चल रहा था। जैसी ही वो मीरा के वार्ड के...

Read Free

दो पतियों की लाडली पत्नी - 11 By Sonam Brijwasi

अगली सुबह। घर में हल्का उजाला। Karan और Kabir उठते हैं, लेकिन उनके बीच वाली जगह… खाली।Kabir चौंककर उठ बैठता है।Kabir बोला - Shreya…?Karan भी उठता है, उसके चेहरे पर भी बेचैनी।Karan...

Read Free

माय कॉन्ट्रैक्ट वाइफ 2.0 By Raju kumar Chaudhary

MY Contract Wife 2.0      (माय कॉन्ट्रैक्ट वाइफ 2.0)शहर की चमचमाती रोशनी के बीच, ऊँची इमारतों और भागती ज़िंदगी के शोर में आरव मल्होत्रा का दिल अजीब सी ख़ामोशी में डूबा रहता था। बाह...

Read Free

जिन्दादिली से ज़िन्दा लाश तक का सफर.... By Shalini Gautam

ये सफर तब शुरू होता है जब आप हर रिश्ते से मजबूर हो जाते हैं। आप अपनी भावनाएँ, दुःख, दर्द, तकलीफ़े या रोज़मरा की बात चाह कर भी किसी से नहीं बता सकते...हंसता, खेलता, मुस्कुराता, गाता...

Read Free

मेरे दूल्हे को मरना होगा - अध्याय 11: सुहागरात (फिनाले) By Varun Vilom

बारात का आगमन ज़ोर-शोर से हुआ। घोड़ों की टापें, आतिशबाज़ी, और नाचते हुए लोग। करण घोड़ी पर आया—सिर पर सेहरा, चेहरे पर वही आत्मविश्वास भरी मुस्कान। फिर घोड़ी से उतरकर सीधे अपनी महँगी...

Read Free

गुस्सा नहीं ग़ुरूर By Rinki Singh

कुछ महीने पहले काशी जाना हुआ |बस में मेरी खिड़की वाली सीट थी | मैं बैठ चुकी थी कि एक महिला आकर बगल में बैठीं, उनके साथ उनका पति और लगभग चार-पाँच साल का एक बच्चा |पतिदेव सामने की सी...

Read Free

सीमाओं से परे By ARTI MEENA

सुबह की हल्की धूप खिड़की से कमरे में आ रही थी।राधा की नींद सबसे पहले खुली।उसने करवट लेकर सीमा की तरफ देखा।सीमा अभी भी सो रही थी — लेकिन उसके चेहरे पर एक अलग सी शांति और हल्की चिंता...

Read Free

लाल दाग़ - 5 - (अंतिम भाग) By ARTI MEENA

सुबह हुई और रोज़ की तरह माया स्कूल गई — जैसे वह हर दिन जाती थी।लेकिन आज उसके मन में एक अलग सोच थी।उसे लग रहा था कि अब सच में कुछ बदलाव लाना होगा।बच्चे पढ़ने आए।माया ने रोज़ की तरह...

Read Free

इंतेक़ाम - भाग 41 By Mamta Meena

निशा अब अधिकतर बीमार रहने लगी थी उसे हमेशा थकान और कमजोरी महसूस होती कभी कभी तो उसे ऐसा लगता है जैसे वह चक्कर खाकर गिर न वाली हो,,,,उसने डॉक्टर को दिखाया तो पूरी जांच कराने के बाद...

Read Free

सीमाओं से परे By ARTI MEENA

“राधा… ज़रा धीरे चल बेटी…”माँ हाँफती हुई पीछे से बोली।“तेरे कदमों में अभी जवानी की रफ्तार है… पर मैं अब 25 की नहीं रही… थोड़ा साथ चल ले।”आज माँ राधा को साथ लेकर बाज़ार आई थी।कुछ ही...

Read Free