hindi Best Drama Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Drama in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures. Th...Read More


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सौदे का सिन्दूर - भाग 7 By Anil singh

राठौर मेंशन का वह विशाल हॉल आज किसी प्राचीन मंदिर के गर्भगृह जैसा लग रहा था। हवा में जलते हुए कपूर की गंध, घिसे हुए चंदन और ताजे गेंदे के फूलों की भारी महक तैर रही थी, जो साँसों के...

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.... अगर तुम साथ हो । By vaishnavi Shukla

अगर तुम साथ हो।_________________________________________शाम का समय......!!उत्तर प्रदेश के एक छोटे और खूबसूरत गांव हरिपुर (काल्पनिक) , गांव में खेत खलिहान  और तालाब उसे खूबसूरत बना...

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तुम मेरे लिए By ziya

भाग 1रात का समय था। बाहर हल्की बारिश हो रही थी। खिड़की के शीशों पर गिरती बूंदें कमरे में अजीब सी खामोशी पैदा कर रही थीं। कमरे के अंदर सिया सोफे पर बैठी थी, आँखें नम, हाथ काँप रहे थ...

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इस घर में प्यार मना है - 16 By Sonam Brijwasi

दोपहर का खाना खत्म हो चुका था। चारों आँगन में चटाई पर बैठे थे। हवा हल्की-हल्की चल रही थी। प्रार्थना ने पानी का गिलास रखते हुए अचानक पूछ लिया—प्रार्थना (मुस्कुराते हुए) बोली - वैसे…...

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आतंक के तीन पिलर By Gxxpal R23aywarlkg

दादासाहेब की ताकत सिर्फ़ उनकी पॉलिटिकल पहुँच या उनके पैसे से नहीं आई थी; यह उनके घर में रहने वाले तीन सायों से जुड़ी थी—उनके तीन सबसे बड़े हथियार।पहला था उनका सबसे बड़ा बेटा, विक्र...

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बीस मिनट - सौ मील - एक शर्त - अध्याय 3: दामिनी By Varun

अपने आलिशान पेंटहाउस के बाहर वे दोनों खड़े थे। ऊँची काँच की दीवारों वाली वह इमारत दूर से ही अलग दिखती थी। नीचे फैला हुआ सजा-सँवरा लॉन—क़रीने से कटी झाड़ियाँ, समतल घास, बीच में पत्थ...

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मै तेरी चाँदनी By ziya

भाग 1शाम ढल रही थी। आसमान में हल्की सुनहरी रोशनी फैली हुई थी, जैसे दिन रात को विदा करते हुए मुस्कुरा रहा हो। शहर की भीड़भाड़ के बीच एक लड़की तेज़ कदमों से बस स्टॉप की ओर बढ़ रही थी...

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दिव्य अंश (एक अदृश्य उदय) - 3 By Anil singh

मंदिर की ठंडी सीढ़ियाँ उतरते समय रुद्रांश की देह का वजन जैसे हवा हो गया था। कल तक जो लड़का अपनी ही परछाई से कतराकर चलता था, आज उसकी रीढ़ एकदम सीधी थी और चौड़े कंधों में एक अजीब सा ठहर...

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मेरे हुजूर By ziya

भाग 1रात के करीब साढ़े दस बजे का समय था। हवेली के बाहर हल्की बारिश हो रही थी। आसमान में बिजली चमकती और फिर सब कुछ कुछ पल के लिए सन्नाटे में डूब जाता।शहर के सबसे रसूखदार और अमीर खान...

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RAAKH - खामोश चीखों का शहर By Gxxpal R23aywarlkg

इस शहर में, सूरज उम्मीद जगाने नहीं उगता था; वह तो बस पिछली रात के ज़ख्म दिखाने उगता था। यह कोई ऐसी जगह नहीं थी जो संविधान या जज के हथौड़े से चलती हो। यहाँ, सिर्फ़ एक आदमी का कानून...

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Back for Revenge - 6 By Radhika

उसे इस तरह तड़पते हुए देख सभी घबरा से गये थें। पार्टी-वार्टी छोड़ वे सब उसे घेरे हुए बैठे थे और वो बस सबको ताकने का काम कर रही थी। पर इस बात से वह खुश थी कि सब उसके लिए कितना परेशा...

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The Marriage Mistake By ziya

भाग 1दिल्ली की ठंडी रात, चमकती रोशनी, और शाही होटल "रॉयल क्राउन" के बाहर खड़ी महंगी गाड़ियाँ इस बात का सबूत थीं कि आज यहाँ कोई बड़ी शादी हो रही है। अंदर म्यूज़िक, हँसी, और लोगों की...

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कामवासना से प्रेम तक - भाग - 7 By सीमा कपूर

बस कुछ ही दिन गुजरते है, कम्प्यूटर से एक दिन शेफाली को एक मैसेज आता है. " डिअर दोस्त मेरे पर एक ओफर है, क्या तुम इंट्रेस्ट हो"शेफाली:-मै समझी नहीं आप कौन?"तुम जानती हो"शेफाली:- नही...

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बिल्ली जो इंसान बनती थी - 6 By Sonam Brijwasi

सुबह की धूप खिड़की से अंदर आ रही थी। शानवी की आँख खुली…लेकिन आज…उसका मन अजीब सा भारी था।जैसे कोई बात अधूरी रह गई हो। वो कुछ पल छत को देखती रही…फिर करवट बदली। और उसकी नजर…अपने पास स...

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My Cruel Love By ziya

भाग 1शादी के मंडप में बैठी आलिया का दिल अजीब डर से भरा हुआ था। चारों तरफ रोशनी, मेहमानों की भीड़, संगीत और खुशियों की आवाज़ें थीं, लेकिन उसके अंदर सब कुछ शांत और भारी था—जैसे तूफ़ा...

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ज़ख्मों की शादी - 4 By Sonam Brijwasi

Kabir अकेला लिविंग हॉल में बैठा था। उसकी आंखों में थकान और मन में बेचैनी थी। बाहर अंधेरा और शांति थी, पर उसके दिल में हलचल थी।Kabir (धीमे, खुद से सोचते हुए) बोला - एक साल पहले… सब...

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आशिकी.....अब तुम ही हो। - 5 By vaishnavi Shukla

पिछले अध्याय में हमारी मुलाकात हुई हमारे कहानी के नायक ...मिस्टर अनिरुद्ध सिंह महेश्वरी से..!!अब आगे!अध्याय :5 तभी केबिन में एक व्यक्ति एंट्री लेता है।वह व्यक्ति: (अनिरुद्ध की ओर ब...

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लाल इश्क - 7 By jagni b

स्थान: 'द गॉथिक फोर्ट' - राणा मेंशनसमय: सुबह १०:०० बजेआरंभी को जब होश आया, तो उसे अपना अस्तित्व किसी 'क्रैश' हुए सर्वर की तरह बिखरा हुआ महसूस हुआ। जैसे ही उसने आँखे...

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शादी एक अभिशाप क्यों By RACHNA ROY

नौजवान युवा पीढ़ी जो है उनको समझना नामुमकिन है क्योंकि यह जो पीढ़ी है ना उनको अपने से बड़ी औरत के साथ प्यार करना अच्छा लगता है यह सच है आप लोग भी जानते होंगे क्योंकि नव युवक को ऐसा...

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परछाईयो के उस पार By ziya

भाग 1बारिश उस रात कुछ ज़्यादा ही बेरहम थी।रेलवे स्टेशन की पुरानी छत से टपकती बूंदें ज़मीन पर गिरकर छोटे-छोटे गड्ढे बना रही थीं, जैसे कोई बीता हुआ सच ज़मीन पर निशान छोड़ रहा हो। प्ल...

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कांन्ट्रैक्ट वाइफ By ziya

भाग 1दुबई की शामें झूठी होती हैं।खूबसूरत, चमकदार… और भीतर से बेरहम।सूरज समुद्र में डूब रहा था। आसमान गुलाबी और बैंगनी रंगों में बंट चुका था। सामने शीशे की तरह चमकता शहर—और उसके बीच...

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Shadows Under Seoul By ziya

Episode 1: Seoul की रातें हमेशा चमकदार दिखती हैं—neon lights, glass buildings, luxury cars—लेकिन इन चमकती सड़कों के नीचे अंधेरा साँस लेता है।और उसी अंधेरे में खड़ा था Han Joon-Woo।...

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Devil King की Secret Wife By ziya

भाग–1 (Part–A)शैतान से टकराई एक मासूम ज़िंदगीमुंबई की रातें अक्सर रौशनी से चमकती हैं,लेकिन उस रात अँधेरा ज़्यादा भारी था।समंदर के पास खड़ी उस आलीशान बिल्डिंग की सबसे ऊँची मंज़िल पर...

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काले शीशे के पीछे By ziya

भाग 1 — अजनबी जो सब जानता थाशहर का नाम रूद्रनगर था।एक ऐसा शहर जहाँ रातें ज़्यादा सच बोलती थीं और दिन सिर्फ़ झूठ ढोते थे।बारिश हो रही थी।तेज़ नहीं—बस इतनी कि सड़कें चमकने लगें और हर...

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ये कहाँ आ गए हम - 3 By Shristi Tiwari

निखिल तैयार हो कर अपने घर से निकलता है। उसने आज white कलर के टी शर्ट के साथ में brown colour की लेदर की जैकेट और ब्लू जीन्स पहनी हुई थी। वो कार में बैठ कर मोना को फोन लगाता है , कु...

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पागलपन By Raju kumar Chaudhary

पागलपन – भाग 1: आरव की दुनियाआरव की सुबह हमेशा एक जैसी होती थी। हल्की धूप उसके कमरे की खिड़की से टकराकर दीवारों पर गोल-गोल धब्बे बना देती, और चाय की खुशबू पूरे घर में फैल जाती। पड़...

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सौदे का सिन्दूर - भाग 7 By Anil singh

राठौर मेंशन का वह विशाल हॉल आज किसी प्राचीन मंदिर के गर्भगृह जैसा लग रहा था। हवा में जलते हुए कपूर की गंध, घिसे हुए चंदन और ताजे गेंदे के फूलों की भारी महक तैर रही थी, जो साँसों के...

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.... अगर तुम साथ हो । By vaishnavi Shukla

अगर तुम साथ हो।_________________________________________शाम का समय......!!उत्तर प्रदेश के एक छोटे और खूबसूरत गांव हरिपुर (काल्पनिक) , गांव में खेत खलिहान  और तालाब उसे खूबसूरत बना...

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तुम मेरे लिए By ziya

भाग 1रात का समय था। बाहर हल्की बारिश हो रही थी। खिड़की के शीशों पर गिरती बूंदें कमरे में अजीब सी खामोशी पैदा कर रही थीं। कमरे के अंदर सिया सोफे पर बैठी थी, आँखें नम, हाथ काँप रहे थ...

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इस घर में प्यार मना है - 16 By Sonam Brijwasi

दोपहर का खाना खत्म हो चुका था। चारों आँगन में चटाई पर बैठे थे। हवा हल्की-हल्की चल रही थी। प्रार्थना ने पानी का गिलास रखते हुए अचानक पूछ लिया—प्रार्थना (मुस्कुराते हुए) बोली - वैसे…...

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आतंक के तीन पिलर By Gxxpal R23aywarlkg

दादासाहेब की ताकत सिर्फ़ उनकी पॉलिटिकल पहुँच या उनके पैसे से नहीं आई थी; यह उनके घर में रहने वाले तीन सायों से जुड़ी थी—उनके तीन सबसे बड़े हथियार।पहला था उनका सबसे बड़ा बेटा, विक्र...

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बीस मिनट - सौ मील - एक शर्त - अध्याय 3: दामिनी By Varun

अपने आलिशान पेंटहाउस के बाहर वे दोनों खड़े थे। ऊँची काँच की दीवारों वाली वह इमारत दूर से ही अलग दिखती थी। नीचे फैला हुआ सजा-सँवरा लॉन—क़रीने से कटी झाड़ियाँ, समतल घास, बीच में पत्थ...

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मै तेरी चाँदनी By ziya

भाग 1शाम ढल रही थी। आसमान में हल्की सुनहरी रोशनी फैली हुई थी, जैसे दिन रात को विदा करते हुए मुस्कुरा रहा हो। शहर की भीड़भाड़ के बीच एक लड़की तेज़ कदमों से बस स्टॉप की ओर बढ़ रही थी...

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दिव्य अंश (एक अदृश्य उदय) - 3 By Anil singh

मंदिर की ठंडी सीढ़ियाँ उतरते समय रुद्रांश की देह का वजन जैसे हवा हो गया था। कल तक जो लड़का अपनी ही परछाई से कतराकर चलता था, आज उसकी रीढ़ एकदम सीधी थी और चौड़े कंधों में एक अजीब सा ठहर...

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मेरे हुजूर By ziya

भाग 1रात के करीब साढ़े दस बजे का समय था। हवेली के बाहर हल्की बारिश हो रही थी। आसमान में बिजली चमकती और फिर सब कुछ कुछ पल के लिए सन्नाटे में डूब जाता।शहर के सबसे रसूखदार और अमीर खान...

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RAAKH - खामोश चीखों का शहर By Gxxpal R23aywarlkg

इस शहर में, सूरज उम्मीद जगाने नहीं उगता था; वह तो बस पिछली रात के ज़ख्म दिखाने उगता था। यह कोई ऐसी जगह नहीं थी जो संविधान या जज के हथौड़े से चलती हो। यहाँ, सिर्फ़ एक आदमी का कानून...

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Back for Revenge - 6 By Radhika

उसे इस तरह तड़पते हुए देख सभी घबरा से गये थें। पार्टी-वार्टी छोड़ वे सब उसे घेरे हुए बैठे थे और वो बस सबको ताकने का काम कर रही थी। पर इस बात से वह खुश थी कि सब उसके लिए कितना परेशा...

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The Marriage Mistake By ziya

भाग 1दिल्ली की ठंडी रात, चमकती रोशनी, और शाही होटल "रॉयल क्राउन" के बाहर खड़ी महंगी गाड़ियाँ इस बात का सबूत थीं कि आज यहाँ कोई बड़ी शादी हो रही है। अंदर म्यूज़िक, हँसी, और लोगों की...

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कामवासना से प्रेम तक - भाग - 7 By सीमा कपूर

बस कुछ ही दिन गुजरते है, कम्प्यूटर से एक दिन शेफाली को एक मैसेज आता है. " डिअर दोस्त मेरे पर एक ओफर है, क्या तुम इंट्रेस्ट हो"शेफाली:-मै समझी नहीं आप कौन?"तुम जानती हो"शेफाली:- नही...

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बिल्ली जो इंसान बनती थी - 6 By Sonam Brijwasi

सुबह की धूप खिड़की से अंदर आ रही थी। शानवी की आँख खुली…लेकिन आज…उसका मन अजीब सा भारी था।जैसे कोई बात अधूरी रह गई हो। वो कुछ पल छत को देखती रही…फिर करवट बदली। और उसकी नजर…अपने पास स...

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My Cruel Love By ziya

भाग 1शादी के मंडप में बैठी आलिया का दिल अजीब डर से भरा हुआ था। चारों तरफ रोशनी, मेहमानों की भीड़, संगीत और खुशियों की आवाज़ें थीं, लेकिन उसके अंदर सब कुछ शांत और भारी था—जैसे तूफ़ा...

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ज़ख्मों की शादी - 4 By Sonam Brijwasi

Kabir अकेला लिविंग हॉल में बैठा था। उसकी आंखों में थकान और मन में बेचैनी थी। बाहर अंधेरा और शांति थी, पर उसके दिल में हलचल थी।Kabir (धीमे, खुद से सोचते हुए) बोला - एक साल पहले… सब...

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आशिकी.....अब तुम ही हो। - 5 By vaishnavi Shukla

पिछले अध्याय में हमारी मुलाकात हुई हमारे कहानी के नायक ...मिस्टर अनिरुद्ध सिंह महेश्वरी से..!!अब आगे!अध्याय :5 तभी केबिन में एक व्यक्ति एंट्री लेता है।वह व्यक्ति: (अनिरुद्ध की ओर ब...

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शादी एक अभिशाप क्यों By RACHNA ROY

नौजवान युवा पीढ़ी जो है उनको समझना नामुमकिन है क्योंकि यह जो पीढ़ी है ना उनको अपने से बड़ी औरत के साथ प्यार करना अच्छा लगता है यह सच है आप लोग भी जानते होंगे क्योंकि नव युवक को ऐसा...

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परछाईयो के उस पार By ziya

भाग 1बारिश उस रात कुछ ज़्यादा ही बेरहम थी।रेलवे स्टेशन की पुरानी छत से टपकती बूंदें ज़मीन पर गिरकर छोटे-छोटे गड्ढे बना रही थीं, जैसे कोई बीता हुआ सच ज़मीन पर निशान छोड़ रहा हो। प्ल...

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कांन्ट्रैक्ट वाइफ By ziya

भाग 1दुबई की शामें झूठी होती हैं।खूबसूरत, चमकदार… और भीतर से बेरहम।सूरज समुद्र में डूब रहा था। आसमान गुलाबी और बैंगनी रंगों में बंट चुका था। सामने शीशे की तरह चमकता शहर—और उसके बीच...

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Shadows Under Seoul By ziya

Episode 1: Seoul की रातें हमेशा चमकदार दिखती हैं—neon lights, glass buildings, luxury cars—लेकिन इन चमकती सड़कों के नीचे अंधेरा साँस लेता है।और उसी अंधेरे में खड़ा था Han Joon-Woo।...

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Devil King की Secret Wife By ziya

भाग–1 (Part–A)शैतान से टकराई एक मासूम ज़िंदगीमुंबई की रातें अक्सर रौशनी से चमकती हैं,लेकिन उस रात अँधेरा ज़्यादा भारी था।समंदर के पास खड़ी उस आलीशान बिल्डिंग की सबसे ऊँची मंज़िल पर...

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काले शीशे के पीछे By ziya

भाग 1 — अजनबी जो सब जानता थाशहर का नाम रूद्रनगर था।एक ऐसा शहर जहाँ रातें ज़्यादा सच बोलती थीं और दिन सिर्फ़ झूठ ढोते थे।बारिश हो रही थी।तेज़ नहीं—बस इतनी कि सड़कें चमकने लगें और हर...

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ये कहाँ आ गए हम - 3 By Shristi Tiwari

निखिल तैयार हो कर अपने घर से निकलता है। उसने आज white कलर के टी शर्ट के साथ में brown colour की लेदर की जैकेट और ब्लू जीन्स पहनी हुई थी। वो कार में बैठ कर मोना को फोन लगाता है , कु...

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पागलपन By Raju kumar Chaudhary

पागलपन – भाग 1: आरव की दुनियाआरव की सुबह हमेशा एक जैसी होती थी। हल्की धूप उसके कमरे की खिड़की से टकराकर दीवारों पर गोल-गोल धब्बे बना देती, और चाय की खुशबू पूरे घर में फैल जाती। पड़...

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