Best Short Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Short Stories in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultur...Read More


Languages
Categories
Featured Books

रामायण युद्ध के पश्चात श्री रामजी और हनुमानजी का संवाद By Prithvi Nokwal

यहाँ युद्ध के बाद भगवान श्रीराम और हनुमान जी के बीच संवाद प्रस्तुत है — भावपूर्ण, भक्तिरस से युक्त और लगभग लंका का युद्ध समाप्त हो चुका था।रावण का अंत हो गया था, अधर्म पर धर्म की व...

Read Free

पिंजरे के बाहर का आकाश By Jeetendra

शहर की चकाचौंध से दूर एक मध्यमवर्गीय अपार्टमेंट की बालकनी में खड़ी अदिति अपनी कॉफी के कप से उठती भाप को देख रही थी। सुबह के सात बज रहे थे। घर में शांति थी, लेकिन उसके भीतर एक शोर म...

Read Free

प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 By Abantika

Part 2"दिल्ली के सरोजिनी नगर मार्केट में बच्चों के कपड़ों की एक दुकान पर अपने सात साल के बेटे, सोनू के लिए ड्रेस चुनते-चुनते अचानक नागेंद्र के हाथ रुक गए।​उसने चोरी-छिपे और फिर थोड...

Read Free

बारिश की वो शाम प्यार कि एक भीगी सुरुआत By kajal jha

बारिश की वो शामदिल्ली की गर्मियों में बारिश का मौसम आते ही शहर एक अलग ही रंग में रंग जाता है। सड़कें चमकने लगती हैं, हवा में मिट्टी की सोंधी खुशबू फैल जाती है, और लोग छाते थामे भाग...

Read Free

The Voodoo Halfworlds (series). The Beginnings - Chapter 2 By Miguel A Reyes Mariano

The Voodoo Halfworlds (series). The Beginnings - Chapter 2Clark (2014), Dayan (1995), Fernández Olmos & Paravisini-Gebert (2017), Hebblethwaite (2015), and Nwokocha (2023) argued t...

Read Free

दो कहानी By Rajeev kumar

अस्तित्व मनोहर के मन-मस्तिष्क पर अस्तित्व शब्द ने खलबली मचा दी थी। उसने सुन रखा था कि आपका अस्तित्व ही आपका जीवन है। उसने कई लोगों से इस विषय पर चर्चा की लेकिन उस प्रश्न की जकड़न को...

Read Free

My Paranormal Incidents - 6 By Payal

Chapter 6. The creepy girl Now, this is when I transferred out of city somewhere else far from my birth place. Tho, I don't find people here too pleasant to talk to I've ad...

Read Free

बारिश की पहली बुंदे By kajal jha

बारिश की पहली बूंदेंदिल्ली की गर्मियां हर साल की तरह इस बार भी बेहद बेरहम थीं। सूरज जैसे आसमान से आग बरसा रहा था। दोपहर के वक्त सड़कों पर निकलना किसी सज़ा से कम नहीं था। हवा में तप...

Read Free

एकतरफा प्यार By Rajeev kumar

एकतरफा प्यार बरसात के बाद गुनगुनी धुप निकल चुकी थी। मौसम खुशनूमा हो गया था। हवा भी चल रही थी और नमी भी बरकरार थी। बरगद के पेड़ के पत्तों से अभी भी जल की बुदें तपक रही थी, जो पेड़ के...

Read Free

उम्मीद की एक नई किरण By Jeetendra

शहर की भीड़भाड़ से दूर, एक पुराने जर्जर मकान की बालकनी में बैठे अविनाश के चेहरे पर गहरी चिंता की लकीरें खिंची हुई थीं। उसके हाथ में एक लिफाफा था, जिसे वह बार-बार खोलता और फिर बंद क...

Read Free

घर जो कभी बेचा नही गया By InkImagination

घर जो कभी बेचा नहीं गयाशहर के सबसे चमकदार इलाके में, जहां हर तरफ़ गगनचुंबी इमारतें आसमान को चीर रही थीं, वो एक पुराना सा घर अकेला खड़ा था।चारों ओर कांच की दीवारें, नीली रोशनी वाली...

Read Free

मिड-डे मील By Rinki Singh

प्राथमिक विद्यालय का प्रांगण कोलाहल से भरा हुआ था। आज स्कूल का अंतिम दिन था, कल से गर्मी की छुट्टियाँ शुरू होने वाली थीं। बच्चे आज कुछ ज़्यादा ही उत्साहित थे। कोई मैदान में दौड़ रह...

Read Free

बेटा By Rajeev kumar

बेटा बड़ी थकान महसुस हो रही थी। रास्ते में कई बार कई पेड़ के नीचे बैठ कर सुस्ता चुका मोहना का ऐसा हाल था। एक तो शरिरिक कमजोरी, उस पर तबियत खराब और जाना इतना जरूरी था कि बिना गए काम न...

Read Free

इश्क. - 17 By om prakash Jain

सिम्मी को रजनी मेहता अमेरिका वाली लड़की सहज संयोग से  मिल ही जाता है ।शेखर दोपहर को सिम्मी के घर आता है ।आज सिम्मी घर में  है ,रविवार के दिन सिम्मी मां के  घरेलु काम में हाथ बटा  र...

Read Free

मकर संक्रान्त आणि तिळाचा काटेरी हलवा By Vrishali Gotkhindikar

मकर संक्रांतीला तिळगुळ घ्या गोड बोला असे म्हणून आपण एकमेकांना तिळगुळ देतो .आपापसातील प्रेम जागृत राहावे कधी चुकून मतभेद झाले तरी ते विसरले जावे हा उद्देश त्यात असतो .आजकाल मात्र ही...

Read Free

डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ - 6 By Dr. Pradeep Kumar Sharma

डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ माँऑफिस से लौटकर जैसे ही वह घर पहुँचा, पत्नी बोलीं, "सुनिए जी, आपके पास किसी स्नेक रेस्क्यू वाले या सपेरे का फोन नंबर हो, तो बुला लीजिए। घर के पी...

Read Free

बगावती By Deepak sharma

                     “मैं सिनेमा जा रही हूं,”गली के नुक्कड़ पर उस बुद्धवार जैसे ही मां अपने झोलों के साथ प्रकट हु...

Read Free

युद्ध के पश्चात कृष्ण और गान्धारी संवाद By Prithvi Nokwal

पुत्र वियोग में तड़पती गांधारी जब कृष्ण को श्राप देने चली तब कृष्ण गांधारी से कहते हैंमाता मैं शोक ,मोह ,पीड़ा सबसे परे हूँ, न जीत में न हार में, न मान में , न अपमान में, न जीवन मे ,...

Read Free

खडकातलो झरो (मालवणी कथा) By Balkrishna Rane

खडकातलो झरोउगवती लाल झाली तशी पाखरा किलबिलाट करूक लागली. गार वारो भिरभिराक लागलो.सोबतीक फुलांचोवास परमळाक लागलो.उगवतीकडे शुक्राची चांदणी चमका होती.मालग्या सुतारनीच्या कोंब्यान कुकू...

Read Free

सुबह का तारा By Rakesh Kaul

सुबह का तारा आज के नए ज़माने के शहरों में ज़्यादातर तालीमयाफ़्ता नौजवान अच्छी नौकरी की तलाश में घर-परिवार से दूर दूसरे शहरों या विदेशों में बसना पसंद कर रहे हैं | लिहाज़ा संयुक्त परिवा...

Read Free

जिंदगी की खुशी By manshi

क्या आप ने कभी सोचा है, कि कोई ऐसा भी होगा, जिसमें गुण तो बहुत हैं, पर वह किसी को बताता नहीं है। अपने गुण वह किसी को दिखलाता नहीं है। उसके साथ अन्याय होता है, पर वह उसे चुप करके सह...

Read Free

પ્રેમ સાથે સમજણ By Dr. Nilesh Thakor

પ્રેમ સાથે સમજણ         સર્વમ સવાર થી ગિન્નાયેલો હતો, “આટલી મહત્વ ની મીટિંગ હું ભૂલી કેમ નો ગયો?” એ અંદરથી પોતાને કોશી રહ્યો હતો. હા આજે મીટિંગમાં કંપની ના સીઇઓ આવવાનાં હતાં, જે અં...

Read Free

कॉफी शॉप की अधूरी मुलाकात By Bharti 007

बारिश उस दिन कुछ ज़्यादा ही ठहरकर बरस रही थी, जैसे शहर को नहीं—अन्वी के दिल को भिगोना चाहती हो।कॉफ़ी हाउस की खिड़की के पास वही पुरानी टेबल…जहाँ कभी दो कप चाय,और अनगिनत सपने रखे जात...

Read Free

पतंगों से लालटेन तक By Ankur Saxena Maddy

14 जनवरी की सुबह जयपुर में कुछ अलग ही रंग लेकर आती है। ठंडी हवा में हल्की धूप, छतों पर चढ़ते लोगों की चहल-पहल, और आसमान में पहले से तनी हुई डोरें—मानो शहर ने खुद को त्योहार के लिए...

Read Free

हिकमत और कमाई By Devendra Kumar

कल मुझे गुडगाँव से एक मीटिंग के लिये दिल्ली प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में एक आयोजान में जाना था. उसके लिये मैंने उबेर से एक टैक्सी मंगाई. मेरे मोबाइल पर ड्राईवर का नाम आया था असलम और ठी...

Read Free

ऐसा ही होता है By Rajeev kumar

ऐसा ही होता है दिन भर मशीन की गड़गड़ और घर की चख-चख से बड़ी दुर, गंदा नाला के उपर ब्रीज पर बैठना ज्ञान को बड़ा सुखद अनुभूति देता था। वह अपने नाक पे, श्वास पे तो अत्चाचार बर्दाश्त कर सक...

Read Free

ग्रे शेड्स By Dr Sandip Awasthi

      ________________________   लगता है सब कुछ व्यर्थ है।क्योंकि सभी तरफ झूठ जीत रहा और सच हार रहा। सोशल साइट्स पर आप नहीं हैं तो मानो आपका अस्तित्व ही दुनिया...

Read Free

The Letter That Waited By Amrin Chunara

Every morning at exactly six, Meera swept the small veranda of her house, even though no dust ever stayed long enough to be seen. It wasn’t cleanliness she cared about—it was habit...

Read Free

प्रवास अनंता पर्यंतचा By Vrishali Gotkhindikar

ही गोष्ट आहे तुझ्या अनंताच्या प्रवासाची तुझा वाढदिवस होता 31ऑगस्ट ..खुप छान साजरा झाला..खुप दिवस व्हाईट आर्मीला देणगी द्यायचे मनात होते ती सकाळीच देऊन आलो काही कारणाने गावात त्या द...

Read Free

कन्यादान By Jeetendra

दिल्ली की एक छोटी सी कॉलोनी में, जनवरी का महीना था। ठंडी हवा चल रही थी, और घरों में हीटर चल रहे थे। शर्मा जी का घर हमेशा की तरह हलचल भरा था। उनकी बेटी नेहा की शादी की बात चल रही थी...

Read Free

ऊपर उठी हुई नाक By Deepak sharma

कहानी: दीपक शर्मा                  “मेरी ट्विट अपनी पूरी उड़ान नहीं भर रही। आवाज़ भी इस की बीच ही में रुक रही है….”...

Read Free

The London Singularity: Unfolding Organic Chemistry at 2:00 AM By Harshil Shah

Three months in London is a long time to be a stranger, but just enough time to feel like a local. My routine was a binary code: weekdays were for the "exemplary" grind, and weeken...

Read Free

मालिका....आयुष्यातल्या अनुभवांची - 14 By Arpita

पान १४           ऐका ना ! आमच्या शाळेत खूप वेगवेगळ्या स्पर्धा असायच्या. म्हणजे मी असा कधीच भाग घेतला नव्हता. पण वर्गात जेव्हा बाई मराठीच्या कविता शिकवायच्या. तेव्हा शिकवून झाल्यावर...

Read Free

कुंती का खेल By Deepak sharma

                  कुंती को वह खेल अकस्मात ही सूझा था।                   टंडन मेम साहब उस स...

Read Free

स्मृतियों की खाट By Rinki Singh

दरवाज़े के बगल में रखी पुरानी सी खाट पर बैठकर हरिप्रसाद जी हर सुबह चाय की चुस्कियों के साथ सूरज को निकलते देखते, और शाम को उसी सूरज के पीछे छिपती उम्मीदें |कभी यही खाट आँगन में होत...

Read Free

टप्पे के बाद By Deepak sharma

                      स्टेशन पर बहन ने मुझे अकेले पाया तो एकाएक उस का चेहरा बदल- बदल गया। भेद- भरे स्वर में बोली, “तुम...

Read Free

कोई फर्क नहीं पडता By InkImagination

कोई फर्क नहीं पड़तावो कॉलेज की पुरानी, घिसी-पिटी सीढ़ियों पर बैठी रहती, घुटनों को सीने से चिपकाए। नीचे, ग्राउंड में हंसी का शोर था – वो लोग, जो कभी उसके साथ घंटों गप्पें मारते थे।...

Read Free

How I Lost Them Both By Suman Mandal

[Short Description : A story of choices made too late.From an unseen connection during board exams to a comfortable relationship, then a new bond in college that slowly changed eve...

Read Free

కాస్తా ఆలోచించండి!! By Sita

ఒకరు వద్దు అని చెప్పారు అంటే అది వద్దు అని అర్ధం.  అది కూడా పర్టిక్యులర్ గా ఒక అమ్మాయి  వద్దు అంది అంటే అసలు వద్దు అని అర్ధం. ఈ డైలాగ్ ఏ సినిమా  అని చెప్పనవసరం లేదు అనుకుంటా కదా! ఎ...

Read Free

ప్రియా నువ్వేనా By sithu

పరగుల జీవితం కష్టంలో బ్రతుకుతూ ఇస్టాల్ని వదిలేసి ఒత్తిడి తో ఊరేగుతున్న సమాజం.మనసారా నవ్వి కళ్ళారా ప్రకృతి అందాలను చూసి ఎంత కాలం అయ్యిందో కదా. పసిపాపల బోసినవ్వులా ఎంత నిచ్చలంగా వుంద...

Read Free

पहला अनकहा प्यार By ch Devendra

पहला प्यार लव एट फर्स्टसाइट ये बहुत लोगों को हुआ है, बहुतों ने इसे फिल किया है कुछ का आगे बढ़ा और कुछ का नहीं एसा फिल मुझे भी हुआ जब मैं तुम्हें पहली बार देखा पार्टी में वही मिश्रा...

Read Free

Unlocking Vibrant Health: How Intermittent Fasting By Rajveersinh Makavana

Unlocking Vibrant Health: How Intermittent Fasting, Gut Health & Superfoods Work Together to Transform Your BodyIntroduction: Why Modern Nutrition Needs a New ApproachIn a world fu...

Read Free

మధుర క్షణం By Devarakonda Phanishyam

మధుర క్షణంఉదయం కాఫీ షాప్‌లో రాహుల్ అలసిపోయి, కానీ ఒకరకమైన తృప్తితో కూర్చుని ఉన్నాడు. అతని కళ్ల కింద ఏర్పడిన నల్లటి వలయాలు, ఆ రాత్రి అతను పడిన మానసిక సంఘర్షణకు మౌన సాక్ష్యంగా నిలిచా...

Read Free

खामोशी के बाद By Deepak Bundela Arymoulik

“खामोशी के बाद”हाय…मैं रीना हूँ।आज जब मैं यह सब लिख रही हूँ, मेरी उम्र चालीस के पार है। बाहर से देखने वाला कहेगा—एक पढ़ी-लिखी, सभ्य, आत्मनिर्भर औरत।लेकिन भीतर… भीतर मैं एक ऐसे कमरे...

Read Free

આશીર્વાદ - પૈસાથી કે કર્મથી By Suspense_girl

“આશીર્વાદ - પૈસાથી કે કર્મથી?” “આશીર્વાદ મળે છે પૈસાથી? કે મળે છે આપણા કર્મોથી?” હમણાં જ મને આ સવાલનો ઊંડો અનુભવ થયો.હું અમદવાદના ISKCON મંદિરે દર્શન કરવા ગઈ.દેવ દર્શન પછી, મંદિર બ...

Read Free

एक अनकही प्यार की शुरुआत By Bharti 007

जबलपुर की शांत गलियों में पली-बढ़ी आराध्या त्रिपाठी के सपनों में एक ही तस्वीर थी—सफेद एप्रन, स्टेथोस्कोप और एक डॉक्टर बनने का आत्मविश्वास।बारहवीं के बाद उसने पूरे मन से NEET दिया,...

Read Free

तुम हो साथ जो मेरे By Juhi Upadhyay

नमस्कार मेरा नाम जूही उपाध्याय है मैं मनोविज्ञान व्याख्याता हूंँ।अपनी कुछ बातों को आप सबके सामने रखना आई हूंँ।मेरे हमसफ़र जब तुम मेरे साथ होते हो, नज़ारा कुछ अलग होता है जब मेरे क़...

Read Free

रामायण युद्ध के पश्चात श्री रामजी और हनुमानजी का संवाद By Prithvi Nokwal

यहाँ युद्ध के बाद भगवान श्रीराम और हनुमान जी के बीच संवाद प्रस्तुत है — भावपूर्ण, भक्तिरस से युक्त और लगभग लंका का युद्ध समाप्त हो चुका था।रावण का अंत हो गया था, अधर्म पर धर्म की व...

Read Free

पिंजरे के बाहर का आकाश By Jeetendra

शहर की चकाचौंध से दूर एक मध्यमवर्गीय अपार्टमेंट की बालकनी में खड़ी अदिति अपनी कॉफी के कप से उठती भाप को देख रही थी। सुबह के सात बज रहे थे। घर में शांति थी, लेकिन उसके भीतर एक शोर म...

Read Free

प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 By Abantika

Part 2"दिल्ली के सरोजिनी नगर मार्केट में बच्चों के कपड़ों की एक दुकान पर अपने सात साल के बेटे, सोनू के लिए ड्रेस चुनते-चुनते अचानक नागेंद्र के हाथ रुक गए।​उसने चोरी-छिपे और फिर थोड...

Read Free

बारिश की वो शाम प्यार कि एक भीगी सुरुआत By kajal jha

बारिश की वो शामदिल्ली की गर्मियों में बारिश का मौसम आते ही शहर एक अलग ही रंग में रंग जाता है। सड़कें चमकने लगती हैं, हवा में मिट्टी की सोंधी खुशबू फैल जाती है, और लोग छाते थामे भाग...

Read Free

The Voodoo Halfworlds (series). The Beginnings - Chapter 2 By Miguel A Reyes Mariano

The Voodoo Halfworlds (series). The Beginnings - Chapter 2Clark (2014), Dayan (1995), Fernández Olmos & Paravisini-Gebert (2017), Hebblethwaite (2015), and Nwokocha (2023) argued t...

Read Free

दो कहानी By Rajeev kumar

अस्तित्व मनोहर के मन-मस्तिष्क पर अस्तित्व शब्द ने खलबली मचा दी थी। उसने सुन रखा था कि आपका अस्तित्व ही आपका जीवन है। उसने कई लोगों से इस विषय पर चर्चा की लेकिन उस प्रश्न की जकड़न को...

Read Free

My Paranormal Incidents - 6 By Payal

Chapter 6. The creepy girl Now, this is when I transferred out of city somewhere else far from my birth place. Tho, I don't find people here too pleasant to talk to I've ad...

Read Free

बारिश की पहली बुंदे By kajal jha

बारिश की पहली बूंदेंदिल्ली की गर्मियां हर साल की तरह इस बार भी बेहद बेरहम थीं। सूरज जैसे आसमान से आग बरसा रहा था। दोपहर के वक्त सड़कों पर निकलना किसी सज़ा से कम नहीं था। हवा में तप...

Read Free

एकतरफा प्यार By Rajeev kumar

एकतरफा प्यार बरसात के बाद गुनगुनी धुप निकल चुकी थी। मौसम खुशनूमा हो गया था। हवा भी चल रही थी और नमी भी बरकरार थी। बरगद के पेड़ के पत्तों से अभी भी जल की बुदें तपक रही थी, जो पेड़ के...

Read Free

उम्मीद की एक नई किरण By Jeetendra

शहर की भीड़भाड़ से दूर, एक पुराने जर्जर मकान की बालकनी में बैठे अविनाश के चेहरे पर गहरी चिंता की लकीरें खिंची हुई थीं। उसके हाथ में एक लिफाफा था, जिसे वह बार-बार खोलता और फिर बंद क...

Read Free

घर जो कभी बेचा नही गया By InkImagination

घर जो कभी बेचा नहीं गयाशहर के सबसे चमकदार इलाके में, जहां हर तरफ़ गगनचुंबी इमारतें आसमान को चीर रही थीं, वो एक पुराना सा घर अकेला खड़ा था।चारों ओर कांच की दीवारें, नीली रोशनी वाली...

Read Free

मिड-डे मील By Rinki Singh

प्राथमिक विद्यालय का प्रांगण कोलाहल से भरा हुआ था। आज स्कूल का अंतिम दिन था, कल से गर्मी की छुट्टियाँ शुरू होने वाली थीं। बच्चे आज कुछ ज़्यादा ही उत्साहित थे। कोई मैदान में दौड़ रह...

Read Free

बेटा By Rajeev kumar

बेटा बड़ी थकान महसुस हो रही थी। रास्ते में कई बार कई पेड़ के नीचे बैठ कर सुस्ता चुका मोहना का ऐसा हाल था। एक तो शरिरिक कमजोरी, उस पर तबियत खराब और जाना इतना जरूरी था कि बिना गए काम न...

Read Free

इश्क. - 17 By om prakash Jain

सिम्मी को रजनी मेहता अमेरिका वाली लड़की सहज संयोग से  मिल ही जाता है ।शेखर दोपहर को सिम्मी के घर आता है ।आज सिम्मी घर में  है ,रविवार के दिन सिम्मी मां के  घरेलु काम में हाथ बटा  र...

Read Free

मकर संक्रान्त आणि तिळाचा काटेरी हलवा By Vrishali Gotkhindikar

मकर संक्रांतीला तिळगुळ घ्या गोड बोला असे म्हणून आपण एकमेकांना तिळगुळ देतो .आपापसातील प्रेम जागृत राहावे कधी चुकून मतभेद झाले तरी ते विसरले जावे हा उद्देश त्यात असतो .आजकाल मात्र ही...

Read Free

डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ - 6 By Dr. Pradeep Kumar Sharma

डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ माँऑफिस से लौटकर जैसे ही वह घर पहुँचा, पत्नी बोलीं, "सुनिए जी, आपके पास किसी स्नेक रेस्क्यू वाले या सपेरे का फोन नंबर हो, तो बुला लीजिए। घर के पी...

Read Free

बगावती By Deepak sharma

                     “मैं सिनेमा जा रही हूं,”गली के नुक्कड़ पर उस बुद्धवार जैसे ही मां अपने झोलों के साथ प्रकट हु...

Read Free

युद्ध के पश्चात कृष्ण और गान्धारी संवाद By Prithvi Nokwal

पुत्र वियोग में तड़पती गांधारी जब कृष्ण को श्राप देने चली तब कृष्ण गांधारी से कहते हैंमाता मैं शोक ,मोह ,पीड़ा सबसे परे हूँ, न जीत में न हार में, न मान में , न अपमान में, न जीवन मे ,...

Read Free

खडकातलो झरो (मालवणी कथा) By Balkrishna Rane

खडकातलो झरोउगवती लाल झाली तशी पाखरा किलबिलाट करूक लागली. गार वारो भिरभिराक लागलो.सोबतीक फुलांचोवास परमळाक लागलो.उगवतीकडे शुक्राची चांदणी चमका होती.मालग्या सुतारनीच्या कोंब्यान कुकू...

Read Free

सुबह का तारा By Rakesh Kaul

सुबह का तारा आज के नए ज़माने के शहरों में ज़्यादातर तालीमयाफ़्ता नौजवान अच्छी नौकरी की तलाश में घर-परिवार से दूर दूसरे शहरों या विदेशों में बसना पसंद कर रहे हैं | लिहाज़ा संयुक्त परिवा...

Read Free

जिंदगी की खुशी By manshi

क्या आप ने कभी सोचा है, कि कोई ऐसा भी होगा, जिसमें गुण तो बहुत हैं, पर वह किसी को बताता नहीं है। अपने गुण वह किसी को दिखलाता नहीं है। उसके साथ अन्याय होता है, पर वह उसे चुप करके सह...

Read Free

પ્રેમ સાથે સમજણ By Dr. Nilesh Thakor

પ્રેમ સાથે સમજણ         સર્વમ સવાર થી ગિન્નાયેલો હતો, “આટલી મહત્વ ની મીટિંગ હું ભૂલી કેમ નો ગયો?” એ અંદરથી પોતાને કોશી રહ્યો હતો. હા આજે મીટિંગમાં કંપની ના સીઇઓ આવવાનાં હતાં, જે અં...

Read Free

कॉफी शॉप की अधूरी मुलाकात By Bharti 007

बारिश उस दिन कुछ ज़्यादा ही ठहरकर बरस रही थी, जैसे शहर को नहीं—अन्वी के दिल को भिगोना चाहती हो।कॉफ़ी हाउस की खिड़की के पास वही पुरानी टेबल…जहाँ कभी दो कप चाय,और अनगिनत सपने रखे जात...

Read Free

पतंगों से लालटेन तक By Ankur Saxena Maddy

14 जनवरी की सुबह जयपुर में कुछ अलग ही रंग लेकर आती है। ठंडी हवा में हल्की धूप, छतों पर चढ़ते लोगों की चहल-पहल, और आसमान में पहले से तनी हुई डोरें—मानो शहर ने खुद को त्योहार के लिए...

Read Free

हिकमत और कमाई By Devendra Kumar

कल मुझे गुडगाँव से एक मीटिंग के लिये दिल्ली प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में एक आयोजान में जाना था. उसके लिये मैंने उबेर से एक टैक्सी मंगाई. मेरे मोबाइल पर ड्राईवर का नाम आया था असलम और ठी...

Read Free

ऐसा ही होता है By Rajeev kumar

ऐसा ही होता है दिन भर मशीन की गड़गड़ और घर की चख-चख से बड़ी दुर, गंदा नाला के उपर ब्रीज पर बैठना ज्ञान को बड़ा सुखद अनुभूति देता था। वह अपने नाक पे, श्वास पे तो अत्चाचार बर्दाश्त कर सक...

Read Free

ग्रे शेड्स By Dr Sandip Awasthi

      ________________________   लगता है सब कुछ व्यर्थ है।क्योंकि सभी तरफ झूठ जीत रहा और सच हार रहा। सोशल साइट्स पर आप नहीं हैं तो मानो आपका अस्तित्व ही दुनिया...

Read Free

The Letter That Waited By Amrin Chunara

Every morning at exactly six, Meera swept the small veranda of her house, even though no dust ever stayed long enough to be seen. It wasn’t cleanliness she cared about—it was habit...

Read Free

प्रवास अनंता पर्यंतचा By Vrishali Gotkhindikar

ही गोष्ट आहे तुझ्या अनंताच्या प्रवासाची तुझा वाढदिवस होता 31ऑगस्ट ..खुप छान साजरा झाला..खुप दिवस व्हाईट आर्मीला देणगी द्यायचे मनात होते ती सकाळीच देऊन आलो काही कारणाने गावात त्या द...

Read Free

कन्यादान By Jeetendra

दिल्ली की एक छोटी सी कॉलोनी में, जनवरी का महीना था। ठंडी हवा चल रही थी, और घरों में हीटर चल रहे थे। शर्मा जी का घर हमेशा की तरह हलचल भरा था। उनकी बेटी नेहा की शादी की बात चल रही थी...

Read Free

ऊपर उठी हुई नाक By Deepak sharma

कहानी: दीपक शर्मा                  “मेरी ट्विट अपनी पूरी उड़ान नहीं भर रही। आवाज़ भी इस की बीच ही में रुक रही है….”...

Read Free

The London Singularity: Unfolding Organic Chemistry at 2:00 AM By Harshil Shah

Three months in London is a long time to be a stranger, but just enough time to feel like a local. My routine was a binary code: weekdays were for the "exemplary" grind, and weeken...

Read Free

मालिका....आयुष्यातल्या अनुभवांची - 14 By Arpita

पान १४           ऐका ना ! आमच्या शाळेत खूप वेगवेगळ्या स्पर्धा असायच्या. म्हणजे मी असा कधीच भाग घेतला नव्हता. पण वर्गात जेव्हा बाई मराठीच्या कविता शिकवायच्या. तेव्हा शिकवून झाल्यावर...

Read Free

कुंती का खेल By Deepak sharma

                  कुंती को वह खेल अकस्मात ही सूझा था।                   टंडन मेम साहब उस स...

Read Free

स्मृतियों की खाट By Rinki Singh

दरवाज़े के बगल में रखी पुरानी सी खाट पर बैठकर हरिप्रसाद जी हर सुबह चाय की चुस्कियों के साथ सूरज को निकलते देखते, और शाम को उसी सूरज के पीछे छिपती उम्मीदें |कभी यही खाट आँगन में होत...

Read Free

टप्पे के बाद By Deepak sharma

                      स्टेशन पर बहन ने मुझे अकेले पाया तो एकाएक उस का चेहरा बदल- बदल गया। भेद- भरे स्वर में बोली, “तुम...

Read Free

कोई फर्क नहीं पडता By InkImagination

कोई फर्क नहीं पड़तावो कॉलेज की पुरानी, घिसी-पिटी सीढ़ियों पर बैठी रहती, घुटनों को सीने से चिपकाए। नीचे, ग्राउंड में हंसी का शोर था – वो लोग, जो कभी उसके साथ घंटों गप्पें मारते थे।...

Read Free

How I Lost Them Both By Suman Mandal

[Short Description : A story of choices made too late.From an unseen connection during board exams to a comfortable relationship, then a new bond in college that slowly changed eve...

Read Free

కాస్తా ఆలోచించండి!! By Sita

ఒకరు వద్దు అని చెప్పారు అంటే అది వద్దు అని అర్ధం.  అది కూడా పర్టిక్యులర్ గా ఒక అమ్మాయి  వద్దు అంది అంటే అసలు వద్దు అని అర్ధం. ఈ డైలాగ్ ఏ సినిమా  అని చెప్పనవసరం లేదు అనుకుంటా కదా! ఎ...

Read Free

ప్రియా నువ్వేనా By sithu

పరగుల జీవితం కష్టంలో బ్రతుకుతూ ఇస్టాల్ని వదిలేసి ఒత్తిడి తో ఊరేగుతున్న సమాజం.మనసారా నవ్వి కళ్ళారా ప్రకృతి అందాలను చూసి ఎంత కాలం అయ్యిందో కదా. పసిపాపల బోసినవ్వులా ఎంత నిచ్చలంగా వుంద...

Read Free

पहला अनकहा प्यार By ch Devendra

पहला प्यार लव एट फर्स्टसाइट ये बहुत लोगों को हुआ है, बहुतों ने इसे फिल किया है कुछ का आगे बढ़ा और कुछ का नहीं एसा फिल मुझे भी हुआ जब मैं तुम्हें पहली बार देखा पार्टी में वही मिश्रा...

Read Free

Unlocking Vibrant Health: How Intermittent Fasting By Rajveersinh Makavana

Unlocking Vibrant Health: How Intermittent Fasting, Gut Health & Superfoods Work Together to Transform Your BodyIntroduction: Why Modern Nutrition Needs a New ApproachIn a world fu...

Read Free

మధుర క్షణం By Devarakonda Phanishyam

మధుర క్షణంఉదయం కాఫీ షాప్‌లో రాహుల్ అలసిపోయి, కానీ ఒకరకమైన తృప్తితో కూర్చుని ఉన్నాడు. అతని కళ్ల కింద ఏర్పడిన నల్లటి వలయాలు, ఆ రాత్రి అతను పడిన మానసిక సంఘర్షణకు మౌన సాక్ష్యంగా నిలిచా...

Read Free

खामोशी के बाद By Deepak Bundela Arymoulik

“खामोशी के बाद”हाय…मैं रीना हूँ।आज जब मैं यह सब लिख रही हूँ, मेरी उम्र चालीस के पार है। बाहर से देखने वाला कहेगा—एक पढ़ी-लिखी, सभ्य, आत्मनिर्भर औरत।लेकिन भीतर… भीतर मैं एक ऐसे कमरे...

Read Free

આશીર્વાદ - પૈસાથી કે કર્મથી By Suspense_girl

“આશીર્વાદ - પૈસાથી કે કર્મથી?” “આશીર્વાદ મળે છે પૈસાથી? કે મળે છે આપણા કર્મોથી?” હમણાં જ મને આ સવાલનો ઊંડો અનુભવ થયો.હું અમદવાદના ISKCON મંદિરે દર્શન કરવા ગઈ.દેવ દર્શન પછી, મંદિર બ...

Read Free

एक अनकही प्यार की शुरुआत By Bharti 007

जबलपुर की शांत गलियों में पली-बढ़ी आराध्या त्रिपाठी के सपनों में एक ही तस्वीर थी—सफेद एप्रन, स्टेथोस्कोप और एक डॉक्टर बनने का आत्मविश्वास।बारहवीं के बाद उसने पूरे मन से NEET दिया,...

Read Free

तुम हो साथ जो मेरे By Juhi Upadhyay

नमस्कार मेरा नाम जूही उपाध्याय है मैं मनोविज्ञान व्याख्याता हूंँ।अपनी कुछ बातों को आप सबके सामने रखना आई हूंँ।मेरे हमसफ़र जब तुम मेरे साथ होते हो, नज़ारा कुछ अलग होता है जब मेरे क़...

Read Free