Best Short Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Short Stories in All books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultur...Read More


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  • बारिश की पहली बुंदे

    बारिश की पहली बूंदेंदिल्ली की गर्मियां हर साल की तरह इस बार भी बेहद बेरहम थीं। स...

  • मिड-डे मील

    प्राथमिक विद्यालय का प्रांगण कोलाहल से भरा हुआ था। आज स्कूल का अंतिम दिन था, कल...

  • इश्क. - 17

    सिम्मी को रजनी मेहता अमेरिका वाली लड़की सहज संयोग से  मिल ही जाता है ।शेखर दोपहर...

एकतरफा प्यार By Rajeev kumar

एकतरफा प्यार बरसात के बाद गुनगुनी धुप निकल चुकी थी। मौसम खुशनूमा हो गया था। हवा भी चल रही थी और नमी भी बरकरार थी। बरगद के पेड़ के पत्तों से अभी भी जल की बुदें तपक रही थी, जो पेड़ के...

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बारिश की पहली बुंदे By kajal jha

बारिश की पहली बूंदेंदिल्ली की गर्मियां हर साल की तरह इस बार भी बेहद बेरहम थीं। सूरज जैसे आसमान से आग बरसा रहा था। दोपहर के वक्त सड़कों पर निकलना किसी सज़ा से कम नहीं था। हवा में तप...

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बेटा By Rajeev kumar

बेटा बड़ी थकान महसुस हो रही थी। रास्ते में कई बार कई पेड़ के नीचे बैठ कर सुस्ता चुका मोहना का ऐसा हाल था। एक तो शरिरिक कमजोरी, उस पर तबियत खराब और जाना इतना जरूरी था कि बिना गए काम न...

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घर जो कभी बेचा नही गया By InkImagination

घर जो कभी बेचा नहीं गयाशहर के सबसे चमकदार इलाके में, जहां हर तरफ़ गगनचुंबी इमारतें आसमान को चीर रही थीं, वो एक पुराना सा घर अकेला खड़ा था।चारों ओर कांच की दीवारें, नीली रोशनी वाली...

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मिड-डे मील By Rinki Singh

प्राथमिक विद्यालय का प्रांगण कोलाहल से भरा हुआ था। आज स्कूल का अंतिम दिन था, कल से गर्मी की छुट्टियाँ शुरू होने वाली थीं। बच्चे आज कुछ ज़्यादा ही उत्साहित थे। कोई मैदान में दौड़ रह...

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इश्क. - 17 By om prakash Jain

सिम्मी को रजनी मेहता अमेरिका वाली लड़की सहज संयोग से  मिल ही जाता है ।शेखर दोपहर को सिम्मी के घर आता है ।आज सिम्मी घर में  है ,रविवार के दिन सिम्मी मां के  घरेलु काम में हाथ बटा  र...

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My Paranormal Incidents - 5 By Payal

 Chapter 5. The doorbell I think I was in 9th grade when this happened. I also consider this moment the most scary moment of my life, because at that time I truly felt scared, even...

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मकर संक्रान्त आणि तिळाचा काटेरी हलवा By Vrishali Gotkhindikar

मकर संक्रांतीला तिळगुळ घ्या गोड बोला असे म्हणून आपण एकमेकांना तिळगुळ देतो .आपापसातील प्रेम जागृत राहावे कधी चुकून मतभेद झाले तरी ते विसरले जावे हा उद्देश त्यात असतो .आजकाल मात्र ही...

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डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ - 6 By Dr. Pradeep Kumar Sharma

डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ माँऑफिस से लौटकर जैसे ही वह घर पहुँचा, पत्नी बोलीं, "सुनिए जी, आपके पास किसी स्नेक रेस्क्यू वाले या सपेरे का फोन नंबर हो, तो बुला लीजिए। घर के पी...

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बगावती By Deepak sharma

                     “मैं सिनेमा जा रही हूं,”गली के नुक्कड़ पर उस बुद्धवार जैसे ही मां अपने झोलों के साथ प्रकट हु...

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युद्ध के पश्चात कृष्ण और गान्धारी संवाद By Prithvi Nokwal

पुत्र वियोग में तड़पती गांधारी जब कृष्ण को श्राप देने चली तब कृष्ण गांधारी से कहते हैंमाता मैं शोक ,मोह ,पीड़ा सबसे परे हूँ, न जीत में न हार में, न मान में , न अपमान में, न जीवन मे ,...

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सुबह का तारा By Rakesh Kaul

सुबह का तारा आज के नए ज़माने के शहरों में ज़्यादातर तालीमयाफ़्ता नौजवान अच्छी नौकरी की तलाश में घर-परिवार से दूर दूसरे शहरों या विदेशों में बसना पसंद कर रहे हैं | लिहाज़ा संयुक्त परिवा...

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खडकातलो झरो (मालवणी कथा) By Balkrishna Rane

खडकातलो झरोउगवती लाल झाली तशी पाखरा किलबिलाट करूक लागली. गार वारो भिरभिराक लागलो.सोबतीक फुलांचोवास परमळाक लागलो.उगवतीकडे शुक्राची चांदणी चमका होती.मालग्या सुतारनीच्या कोंब्यान कुकू...

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પ્રેમ સાથે સમજણ By Dr. Nilesh Thakor

પ્રેમ સાથે સમજણ         સર્વમ સવાર થી ગિન્નાયેલો હતો, “આટલી મહત્વ ની મીટિંગ હું ભૂલી કેમ નો ગયો?” એ અંદરથી પોતાને કોશી રહ્યો હતો. હા આજે મીટિંગમાં કંપની ના સીઇઓ આવવાનાં હતાં, જે અં...

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कॉफी शॉप की अधूरी मुलाकात By Bharti 007

बारिश उस दिन कुछ ज़्यादा ही ठहरकर बरस रही थी, जैसे शहर को नहीं—अन्वी के दिल को भिगोना चाहती हो।कॉफ़ी हाउस की खिड़की के पास वही पुरानी टेबल…जहाँ कभी दो कप चाय,और अनगिनत सपने रखे जात...

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जिंदगी की खुशी By manshi

क्या आप ने कभी सोचा है, कि कोई ऐसा भी होगा, जिसमें गुण तो बहुत हैं, पर वह किसी को बताता नहीं है। अपने गुण वह किसी को दिखलाता नहीं है। उसके साथ अन्याय होता है, पर वह उसे चुप करके सह...

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पतंगों से लालटेन तक By Ankur Saxena Maddy

14 जनवरी की सुबह जयपुर में कुछ अलग ही रंग लेकर आती है। ठंडी हवा में हल्की धूप, छतों पर चढ़ते लोगों की चहल-पहल, और आसमान में पहले से तनी हुई डोरें—मानो शहर ने खुद को त्योहार के लिए...

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हिकमत और कमाई By Devendra Kumar

कल मुझे गुडगाँव से एक मीटिंग के लिये दिल्ली प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में एक आयोजान में जाना था. उसके लिये मैंने उबेर से एक टैक्सी मंगाई. मेरे मोबाइल पर ड्राईवर का नाम आया था असलम और ठी...

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ऐसा ही होता है By Rajeev kumar

ऐसा ही होता है दिन भर मशीन की गड़गड़ और घर की चख-चख से बड़ी दुर, गंदा नाला के उपर ब्रीज पर बैठना ज्ञान को बड़ा सुखद अनुभूति देता था। वह अपने नाक पे, श्वास पे तो अत्चाचार बर्दाश्त कर सक...

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ग्रे शेड्स By Dr Sandip Awasthi

      ________________________   लगता है सब कुछ व्यर्थ है।क्योंकि सभी तरफ झूठ जीत रहा और सच हार रहा। सोशल साइट्स पर आप नहीं हैं तो मानो आपका अस्तित्व ही दुनिया...

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The Letter That Waited By Amrin Chunara

Every morning at exactly six, Meera swept the small veranda of her house, even though no dust ever stayed long enough to be seen. It wasn’t cleanliness she cared about—it was habit...

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प्रवास अनंता पर्यंतचा By Vrishali Gotkhindikar

ही गोष्ट आहे तुझ्या अनंताच्या प्रवासाची तुझा वाढदिवस होता 31ऑगस्ट ..खुप छान साजरा झाला..खुप दिवस व्हाईट आर्मीला देणगी द्यायचे मनात होते ती सकाळीच देऊन आलो काही कारणाने गावात त्या द...

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कन्यादान By Jeetendra

दिल्ली की एक छोटी सी कॉलोनी में, जनवरी का महीना था। ठंडी हवा चल रही थी, और घरों में हीटर चल रहे थे। शर्मा जी का घर हमेशा की तरह हलचल भरा था। उनकी बेटी नेहा की शादी की बात चल रही थी...

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ऊपर उठी हुई नाक By Deepak sharma

कहानी: दीपक शर्मा                  “मेरी ट्विट अपनी पूरी उड़ान नहीं भर रही। आवाज़ भी इस की बीच ही में रुक रही है….”...

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The London Singularity: Unfolding Organic Chemistry at 2:00 AM By Harshil Shah

Three months in London is a long time to be a stranger, but just enough time to feel like a local. My routine was a binary code: weekdays were for the "exemplary" grind, and weeken...

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मालिका....आयुष्यातल्या अनुभवांची - 14 By Arpita

पान १४           ऐका ना ! आमच्या शाळेत खूप वेगवेगळ्या स्पर्धा असायच्या. म्हणजे मी असा कधीच भाग घेतला नव्हता. पण वर्गात जेव्हा बाई मराठीच्या कविता शिकवायच्या. तेव्हा शिकवून झाल्यावर...

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कुंती का खेल By Deepak sharma

                  कुंती को वह खेल अकस्मात ही सूझा था।                   टंडन मेम साहब उस स...

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स्मृतियों की खाट By Rinki Singh

दरवाज़े के बगल में रखी पुरानी सी खाट पर बैठकर हरिप्रसाद जी हर सुबह चाय की चुस्कियों के साथ सूरज को निकलते देखते, और शाम को उसी सूरज के पीछे छिपती उम्मीदें |कभी यही खाट आँगन में होत...

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टप्पे के बाद By Deepak sharma

                      स्टेशन पर बहन ने मुझे अकेले पाया तो एकाएक उस का चेहरा बदल- बदल गया। भेद- भरे स्वर में बोली, “तुम...

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कोई फर्क नहीं पडता By InkImagination

कोई फर्क नहीं पड़तावो कॉलेज की पुरानी, घिसी-पिटी सीढ़ियों पर बैठी रहती, घुटनों को सीने से चिपकाए। नीचे, ग्राउंड में हंसी का शोर था – वो लोग, जो कभी उसके साथ घंटों गप्पें मारते थे।...

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How I Lost Them Both By Suman Mandal

[Short Description : A story of choices made too late.From an unseen connection during board exams to a comfortable relationship, then a new bond in college that slowly changed eve...

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కాస్తా ఆలోచించండి!! By Sita

ఒకరు వద్దు అని చెప్పారు అంటే అది వద్దు అని అర్ధం.  అది కూడా పర్టిక్యులర్ గా ఒక అమ్మాయి  వద్దు అంది అంటే అసలు వద్దు అని అర్ధం. ఈ డైలాగ్ ఏ సినిమా  అని చెప్పనవసరం లేదు అనుకుంటా కదా! ఎ...

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Unlocking Vibrant Health: How Intermittent Fasting By Rajveersinh Makavana

Unlocking Vibrant Health: How Intermittent Fasting, Gut Health & Superfoods Work Together to Transform Your BodyIntroduction: Why Modern Nutrition Needs a New ApproachIn a world fu...

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पहला अनकहा प्यार By ch Devendra

पहला प्यार लव एट फर्स्टसाइट ये बहुत लोगों को हुआ है, बहुतों ने इसे फिल किया है कुछ का आगे बढ़ा और कुछ का नहीं एसा फिल मुझे भी हुआ जब मैं तुम्हें पहली बार देखा पार्टी में वही मिश्रा...

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ప్రియా నువ్వేనా By sithu

పరగుల జీవితం కష్టంలో బ్రతుకుతూ ఇస్టాల్ని వదిలేసి ఒత్తిడి తో ఊరేగుతున్న సమాజం.మనసారా నవ్వి కళ్ళారా ప్రకృతి అందాలను చూసి ఎంత కాలం అయ్యిందో కదా. పసిపాపల బోసినవ్వులా ఎంత నిచ్చలంగా వుంద...

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खामोशी के बाद By Deepak Bundela Arymoulik

“खामोशी के बाद”हाय…मैं रीना हूँ।आज जब मैं यह सब लिख रही हूँ, मेरी उम्र चालीस के पार है। बाहर से देखने वाला कहेगा—एक पढ़ी-लिखी, सभ्य, आत्मनिर्भर औरत।लेकिन भीतर… भीतर मैं एक ऐसे कमरे...

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एक अनकही प्यार की शुरुआत By Bharti 007

जबलपुर की शांत गलियों में पली-बढ़ी आराध्या त्रिपाठी के सपनों में एक ही तस्वीर थी—सफेद एप्रन, स्टेथोस्कोप और एक डॉक्टर बनने का आत्मविश्वास।बारहवीं के बाद उसने पूरे मन से NEET दिया,...

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આશીર્વાદ - પૈસાથી કે કર્મથી By Suspense_girl

“આશીર્વાદ - પૈસાથી કે કર્મથી?” “આશીર્વાદ મળે છે પૈસાથી? કે મળે છે આપણા કર્મોથી?” હમણાં જ મને આ સવાલનો ઊંડો અનુભવ થયો.હું અમદવાદના ISKCON મંદિરે દર્શન કરવા ગઈ.દેવ દર્શન પછી, મંદિર બ...

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మధుర క్షణం By Devarakonda Phanishyam

మధుర క్షణంఉదయం కాఫీ షాప్‌లో రాహుల్ అలసిపోయి, కానీ ఒకరకమైన తృప్తితో కూర్చుని ఉన్నాడు. అతని కళ్ల కింద ఏర్పడిన నల్లటి వలయాలు, ఆ రాత్రి అతను పడిన మానసిక సంఘర్షణకు మౌన సాక్ష్యంగా నిలిచా...

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तुम हो साथ जो मेरे By Juhi Upadhyay

नमस्कार मेरा नाम जूही उपाध्याय है मैं मनोविज्ञान व्याख्याता हूंँ।अपनी कुछ बातों को आप सबके सामने रखना आई हूंँ।मेरे हमसफ़र जब तुम मेरे साथ होते हो, नज़ारा कुछ अलग होता है जब मेरे क़...

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ప్రాణమా... - 1 By amani reddy

అర్జున్ హైదరాబాద్ లో హాస్టల్ లో ఉండి ఇంటర్ చదివే రోజులు అవి..డైలీ కాలేజ్.. అది అవ్వగానే హాస్టల్ కి వచ్చి తన ఫ్రెండ్స్ తో కబుర్లు..కాలక్షేపానికి వారానికి ఒక సినిమా.. అదే అతని జీవితం...

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प्रमाणपत्र By Rinki Singh

ऑनलाइन कवि सम्मेलन की तैयारी में नीलिमा पुरानी अलमारी खंगाल रही थी |विषय था- "अपनी पहली रचना"|सोच रही थी, उस पुरानी डायरी को ढूंढ ले, जिसमें अपने शुरुआती दिनों की कविताएँ लिखी थीं...

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दोस्त By Rajeev kumar

  दर-बदर भटकते हुए मंगरू अब हिम्मत हार चुका था ,उसके हाथ में कई बार मुड़ा और फटा कागज इस बात की गवाही दे रहा था कि वह कागज उसके पास कई दिनों से पड़ा हुआ था, उसमें किसी का नाम-पता लिख...

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उड़ान (6) By Asfal Ashok

चार साल बीत गए।परिवीक्षा-अवधि पूर्ण हुई और एडिशनल कलेक्टर के रूप में एक साल का कार्यानुभव भी, तब जाकर डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर (DM/DC) का पहला चार्ज मिला– कलेक्टर, सिवनी जिला।श्वेत साड़...

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ಕಳೆದು ಹೋದ ಧ್ವನಿ - ಮೌನದ ಕಾಡಿನಲ್ಲಿ ಒಂದು ಪತ್ರ By Sandeep Joshi

ಅಮಿತ್ ಒಬ್ಬ ವನ್ಯಜೀವಿ ಛಾಯಾಗ್ರಾಹಕ. ಆತ ಪ್ರಪಂಚದ ಅತಿ ಅಪಾಯಕಾರಿ ಕಾಡುಗಳೊಳಗೆ ನುಗ್ಗಿ, ಅಪರೂಪದ ಪ್ರಾಣಿ-ಪಕ್ಷಿಗಳ ಚಿತ್ರಗಳನ್ನು ಸೆರೆಹಿಡಿಯುವ ಸಾಹಸಿ. ಈ ಬಾರಿ ಅವನ ಯೋಜನೆ ಬೇರೆಯಾಗಿತ್ತು – ಪಶ್ಚಿಮ ಘಟ್ಟಗಳ ಮೌನ ಆವ...

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A “Go BUFFALO” Misdirected Text Message to a Cricket fan in 2051 - Part 3 By Miguel A Reyes Mariano

A “Go BUFFALO” misdirected Text Message to a Cricket fan in 2051 - Part 3. A RECONCILIATION ON CURSED TIME   What about if you inadvertently send an email to the wrong person? Even...

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मन का विरोधाभाष By Rajeev kumar

   विरोधापभाष कम होता प्रतीत नहीं हो रहा था, बल्कि बढ़ता ही जा रहा था। बाहर का विरोधाभाष होता तो स्नेहा उन बातों पर बिल्कूल भी ध्यान नहीं देती और खुद को एक कमरे में बंद करके अपने का...

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एकतरफा प्यार By Rajeev kumar

एकतरफा प्यार बरसात के बाद गुनगुनी धुप निकल चुकी थी। मौसम खुशनूमा हो गया था। हवा भी चल रही थी और नमी भी बरकरार थी। बरगद के पेड़ के पत्तों से अभी भी जल की बुदें तपक रही थी, जो पेड़ के...

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बारिश की पहली बुंदे By kajal jha

बारिश की पहली बूंदेंदिल्ली की गर्मियां हर साल की तरह इस बार भी बेहद बेरहम थीं। सूरज जैसे आसमान से आग बरसा रहा था। दोपहर के वक्त सड़कों पर निकलना किसी सज़ा से कम नहीं था। हवा में तप...

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बेटा By Rajeev kumar

बेटा बड़ी थकान महसुस हो रही थी। रास्ते में कई बार कई पेड़ के नीचे बैठ कर सुस्ता चुका मोहना का ऐसा हाल था। एक तो शरिरिक कमजोरी, उस पर तबियत खराब और जाना इतना जरूरी था कि बिना गए काम न...

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घर जो कभी बेचा नही गया By InkImagination

घर जो कभी बेचा नहीं गयाशहर के सबसे चमकदार इलाके में, जहां हर तरफ़ गगनचुंबी इमारतें आसमान को चीर रही थीं, वो एक पुराना सा घर अकेला खड़ा था।चारों ओर कांच की दीवारें, नीली रोशनी वाली...

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मिड-डे मील By Rinki Singh

प्राथमिक विद्यालय का प्रांगण कोलाहल से भरा हुआ था। आज स्कूल का अंतिम दिन था, कल से गर्मी की छुट्टियाँ शुरू होने वाली थीं। बच्चे आज कुछ ज़्यादा ही उत्साहित थे। कोई मैदान में दौड़ रह...

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इश्क. - 17 By om prakash Jain

सिम्मी को रजनी मेहता अमेरिका वाली लड़की सहज संयोग से  मिल ही जाता है ।शेखर दोपहर को सिम्मी के घर आता है ।आज सिम्मी घर में  है ,रविवार के दिन सिम्मी मां के  घरेलु काम में हाथ बटा  र...

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My Paranormal Incidents - 5 By Payal

 Chapter 5. The doorbell I think I was in 9th grade when this happened. I also consider this moment the most scary moment of my life, because at that time I truly felt scared, even...

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मकर संक्रान्त आणि तिळाचा काटेरी हलवा By Vrishali Gotkhindikar

मकर संक्रांतीला तिळगुळ घ्या गोड बोला असे म्हणून आपण एकमेकांना तिळगुळ देतो .आपापसातील प्रेम जागृत राहावे कधी चुकून मतभेद झाले तरी ते विसरले जावे हा उद्देश त्यात असतो .आजकाल मात्र ही...

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डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ - 6 By Dr. Pradeep Kumar Sharma

डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा की लघुकथाएँ माँऑफिस से लौटकर जैसे ही वह घर पहुँचा, पत्नी बोलीं, "सुनिए जी, आपके पास किसी स्नेक रेस्क्यू वाले या सपेरे का फोन नंबर हो, तो बुला लीजिए। घर के पी...

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बगावती By Deepak sharma

                     “मैं सिनेमा जा रही हूं,”गली के नुक्कड़ पर उस बुद्धवार जैसे ही मां अपने झोलों के साथ प्रकट हु...

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युद्ध के पश्चात कृष्ण और गान्धारी संवाद By Prithvi Nokwal

पुत्र वियोग में तड़पती गांधारी जब कृष्ण को श्राप देने चली तब कृष्ण गांधारी से कहते हैंमाता मैं शोक ,मोह ,पीड़ा सबसे परे हूँ, न जीत में न हार में, न मान में , न अपमान में, न जीवन मे ,...

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सुबह का तारा By Rakesh Kaul

सुबह का तारा आज के नए ज़माने के शहरों में ज़्यादातर तालीमयाफ़्ता नौजवान अच्छी नौकरी की तलाश में घर-परिवार से दूर दूसरे शहरों या विदेशों में बसना पसंद कर रहे हैं | लिहाज़ा संयुक्त परिवा...

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खडकातलो झरो (मालवणी कथा) By Balkrishna Rane

खडकातलो झरोउगवती लाल झाली तशी पाखरा किलबिलाट करूक लागली. गार वारो भिरभिराक लागलो.सोबतीक फुलांचोवास परमळाक लागलो.उगवतीकडे शुक्राची चांदणी चमका होती.मालग्या सुतारनीच्या कोंब्यान कुकू...

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પ્રેમ સાથે સમજણ By Dr. Nilesh Thakor

પ્રેમ સાથે સમજણ         સર્વમ સવાર થી ગિન્નાયેલો હતો, “આટલી મહત્વ ની મીટિંગ હું ભૂલી કેમ નો ગયો?” એ અંદરથી પોતાને કોશી રહ્યો હતો. હા આજે મીટિંગમાં કંપની ના સીઇઓ આવવાનાં હતાં, જે અં...

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कॉफी शॉप की अधूरी मुलाकात By Bharti 007

बारिश उस दिन कुछ ज़्यादा ही ठहरकर बरस रही थी, जैसे शहर को नहीं—अन्वी के दिल को भिगोना चाहती हो।कॉफ़ी हाउस की खिड़की के पास वही पुरानी टेबल…जहाँ कभी दो कप चाय,और अनगिनत सपने रखे जात...

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जिंदगी की खुशी By manshi

क्या आप ने कभी सोचा है, कि कोई ऐसा भी होगा, जिसमें गुण तो बहुत हैं, पर वह किसी को बताता नहीं है। अपने गुण वह किसी को दिखलाता नहीं है। उसके साथ अन्याय होता है, पर वह उसे चुप करके सह...

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पतंगों से लालटेन तक By Ankur Saxena Maddy

14 जनवरी की सुबह जयपुर में कुछ अलग ही रंग लेकर आती है। ठंडी हवा में हल्की धूप, छतों पर चढ़ते लोगों की चहल-पहल, और आसमान में पहले से तनी हुई डोरें—मानो शहर ने खुद को त्योहार के लिए...

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हिकमत और कमाई By Devendra Kumar

कल मुझे गुडगाँव से एक मीटिंग के लिये दिल्ली प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में एक आयोजान में जाना था. उसके लिये मैंने उबेर से एक टैक्सी मंगाई. मेरे मोबाइल पर ड्राईवर का नाम आया था असलम और ठी...

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ऐसा ही होता है By Rajeev kumar

ऐसा ही होता है दिन भर मशीन की गड़गड़ और घर की चख-चख से बड़ी दुर, गंदा नाला के उपर ब्रीज पर बैठना ज्ञान को बड़ा सुखद अनुभूति देता था। वह अपने नाक पे, श्वास पे तो अत्चाचार बर्दाश्त कर सक...

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ग्रे शेड्स By Dr Sandip Awasthi

      ________________________   लगता है सब कुछ व्यर्थ है।क्योंकि सभी तरफ झूठ जीत रहा और सच हार रहा। सोशल साइट्स पर आप नहीं हैं तो मानो आपका अस्तित्व ही दुनिया...

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The Letter That Waited By Amrin Chunara

Every morning at exactly six, Meera swept the small veranda of her house, even though no dust ever stayed long enough to be seen. It wasn’t cleanliness she cared about—it was habit...

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प्रवास अनंता पर्यंतचा By Vrishali Gotkhindikar

ही गोष्ट आहे तुझ्या अनंताच्या प्रवासाची तुझा वाढदिवस होता 31ऑगस्ट ..खुप छान साजरा झाला..खुप दिवस व्हाईट आर्मीला देणगी द्यायचे मनात होते ती सकाळीच देऊन आलो काही कारणाने गावात त्या द...

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कन्यादान By Jeetendra

दिल्ली की एक छोटी सी कॉलोनी में, जनवरी का महीना था। ठंडी हवा चल रही थी, और घरों में हीटर चल रहे थे। शर्मा जी का घर हमेशा की तरह हलचल भरा था। उनकी बेटी नेहा की शादी की बात चल रही थी...

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ऊपर उठी हुई नाक By Deepak sharma

कहानी: दीपक शर्मा                  “मेरी ट्विट अपनी पूरी उड़ान नहीं भर रही। आवाज़ भी इस की बीच ही में रुक रही है….”...

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The London Singularity: Unfolding Organic Chemistry at 2:00 AM By Harshil Shah

Three months in London is a long time to be a stranger, but just enough time to feel like a local. My routine was a binary code: weekdays were for the "exemplary" grind, and weeken...

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मालिका....आयुष्यातल्या अनुभवांची - 14 By Arpita

पान १४           ऐका ना ! आमच्या शाळेत खूप वेगवेगळ्या स्पर्धा असायच्या. म्हणजे मी असा कधीच भाग घेतला नव्हता. पण वर्गात जेव्हा बाई मराठीच्या कविता शिकवायच्या. तेव्हा शिकवून झाल्यावर...

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कुंती का खेल By Deepak sharma

                  कुंती को वह खेल अकस्मात ही सूझा था।                   टंडन मेम साहब उस स...

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स्मृतियों की खाट By Rinki Singh

दरवाज़े के बगल में रखी पुरानी सी खाट पर बैठकर हरिप्रसाद जी हर सुबह चाय की चुस्कियों के साथ सूरज को निकलते देखते, और शाम को उसी सूरज के पीछे छिपती उम्मीदें |कभी यही खाट आँगन में होत...

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टप्पे के बाद By Deepak sharma

                      स्टेशन पर बहन ने मुझे अकेले पाया तो एकाएक उस का चेहरा बदल- बदल गया। भेद- भरे स्वर में बोली, “तुम...

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कोई फर्क नहीं पडता By InkImagination

कोई फर्क नहीं पड़तावो कॉलेज की पुरानी, घिसी-पिटी सीढ़ियों पर बैठी रहती, घुटनों को सीने से चिपकाए। नीचे, ग्राउंड में हंसी का शोर था – वो लोग, जो कभी उसके साथ घंटों गप्पें मारते थे।...

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How I Lost Them Both By Suman Mandal

[Short Description : A story of choices made too late.From an unseen connection during board exams to a comfortable relationship, then a new bond in college that slowly changed eve...

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కాస్తా ఆలోచించండి!! By Sita

ఒకరు వద్దు అని చెప్పారు అంటే అది వద్దు అని అర్ధం.  అది కూడా పర్టిక్యులర్ గా ఒక అమ్మాయి  వద్దు అంది అంటే అసలు వద్దు అని అర్ధం. ఈ డైలాగ్ ఏ సినిమా  అని చెప్పనవసరం లేదు అనుకుంటా కదా! ఎ...

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Unlocking Vibrant Health: How Intermittent Fasting By Rajveersinh Makavana

Unlocking Vibrant Health: How Intermittent Fasting, Gut Health & Superfoods Work Together to Transform Your BodyIntroduction: Why Modern Nutrition Needs a New ApproachIn a world fu...

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पहला अनकहा प्यार By ch Devendra

पहला प्यार लव एट फर्स्टसाइट ये बहुत लोगों को हुआ है, बहुतों ने इसे फिल किया है कुछ का आगे बढ़ा और कुछ का नहीं एसा फिल मुझे भी हुआ जब मैं तुम्हें पहली बार देखा पार्टी में वही मिश्रा...

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ప్రియా నువ్వేనా By sithu

పరగుల జీవితం కష్టంలో బ్రతుకుతూ ఇస్టాల్ని వదిలేసి ఒత్తిడి తో ఊరేగుతున్న సమాజం.మనసారా నవ్వి కళ్ళారా ప్రకృతి అందాలను చూసి ఎంత కాలం అయ్యిందో కదా. పసిపాపల బోసినవ్వులా ఎంత నిచ్చలంగా వుంద...

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खामोशी के बाद By Deepak Bundela Arymoulik

“खामोशी के बाद”हाय…मैं रीना हूँ।आज जब मैं यह सब लिख रही हूँ, मेरी उम्र चालीस के पार है। बाहर से देखने वाला कहेगा—एक पढ़ी-लिखी, सभ्य, आत्मनिर्भर औरत।लेकिन भीतर… भीतर मैं एक ऐसे कमरे...

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एक अनकही प्यार की शुरुआत By Bharti 007

जबलपुर की शांत गलियों में पली-बढ़ी आराध्या त्रिपाठी के सपनों में एक ही तस्वीर थी—सफेद एप्रन, स्टेथोस्कोप और एक डॉक्टर बनने का आत्मविश्वास।बारहवीं के बाद उसने पूरे मन से NEET दिया,...

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આશીર્વાદ - પૈસાથી કે કર્મથી By Suspense_girl

“આશીર્વાદ - પૈસાથી કે કર્મથી?” “આશીર્વાદ મળે છે પૈસાથી? કે મળે છે આપણા કર્મોથી?” હમણાં જ મને આ સવાલનો ઊંડો અનુભવ થયો.હું અમદવાદના ISKCON મંદિરે દર્શન કરવા ગઈ.દેવ દર્શન પછી, મંદિર બ...

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మధుర క్షణం By Devarakonda Phanishyam

మధుర క్షణంఉదయం కాఫీ షాప్‌లో రాహుల్ అలసిపోయి, కానీ ఒకరకమైన తృప్తితో కూర్చుని ఉన్నాడు. అతని కళ్ల కింద ఏర్పడిన నల్లటి వలయాలు, ఆ రాత్రి అతను పడిన మానసిక సంఘర్షణకు మౌన సాక్ష్యంగా నిలిచా...

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तुम हो साथ जो मेरे By Juhi Upadhyay

नमस्कार मेरा नाम जूही उपाध्याय है मैं मनोविज्ञान व्याख्याता हूंँ।अपनी कुछ बातों को आप सबके सामने रखना आई हूंँ।मेरे हमसफ़र जब तुम मेरे साथ होते हो, नज़ारा कुछ अलग होता है जब मेरे क़...

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ప్రాణమా... - 1 By amani reddy

అర్జున్ హైదరాబాద్ లో హాస్టల్ లో ఉండి ఇంటర్ చదివే రోజులు అవి..డైలీ కాలేజ్.. అది అవ్వగానే హాస్టల్ కి వచ్చి తన ఫ్రెండ్స్ తో కబుర్లు..కాలక్షేపానికి వారానికి ఒక సినిమా.. అదే అతని జీవితం...

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प्रमाणपत्र By Rinki Singh

ऑनलाइन कवि सम्मेलन की तैयारी में नीलिमा पुरानी अलमारी खंगाल रही थी |विषय था- "अपनी पहली रचना"|सोच रही थी, उस पुरानी डायरी को ढूंढ ले, जिसमें अपने शुरुआती दिनों की कविताएँ लिखी थीं...

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दोस्त By Rajeev kumar

  दर-बदर भटकते हुए मंगरू अब हिम्मत हार चुका था ,उसके हाथ में कई बार मुड़ा और फटा कागज इस बात की गवाही दे रहा था कि वह कागज उसके पास कई दिनों से पड़ा हुआ था, उसमें किसी का नाम-पता लिख...

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उड़ान (6) By Asfal Ashok

चार साल बीत गए।परिवीक्षा-अवधि पूर्ण हुई और एडिशनल कलेक्टर के रूप में एक साल का कार्यानुभव भी, तब जाकर डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर (DM/DC) का पहला चार्ज मिला– कलेक्टर, सिवनी जिला।श्वेत साड़...

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ಕಳೆದು ಹೋದ ಧ್ವನಿ - ಮೌನದ ಕಾಡಿನಲ್ಲಿ ಒಂದು ಪತ್ರ By Sandeep Joshi

ಅಮಿತ್ ಒಬ್ಬ ವನ್ಯಜೀವಿ ಛಾಯಾಗ್ರಾಹಕ. ಆತ ಪ್ರಪಂಚದ ಅತಿ ಅಪಾಯಕಾರಿ ಕಾಡುಗಳೊಳಗೆ ನುಗ್ಗಿ, ಅಪರೂಪದ ಪ್ರಾಣಿ-ಪಕ್ಷಿಗಳ ಚಿತ್ರಗಳನ್ನು ಸೆರೆಹಿಡಿಯುವ ಸಾಹಸಿ. ಈ ಬಾರಿ ಅವನ ಯೋಜನೆ ಬೇರೆಯಾಗಿತ್ತು – ಪಶ್ಚಿಮ ಘಟ್ಟಗಳ ಮೌನ ಆವ...

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A “Go BUFFALO” Misdirected Text Message to a Cricket fan in 2051 - Part 3 By Miguel A Reyes Mariano

A “Go BUFFALO” misdirected Text Message to a Cricket fan in 2051 - Part 3. A RECONCILIATION ON CURSED TIME   What about if you inadvertently send an email to the wrong person? Even...

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मन का विरोधाभाष By Rajeev kumar

   विरोधापभाष कम होता प्रतीत नहीं हो रहा था, बल्कि बढ़ता ही जा रहा था। बाहर का विरोधाभाष होता तो स्नेहा उन बातों पर बिल्कूल भी ध्यान नहीं देती और खुद को एक कमरे में बंद करके अपने का...

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